छत्तीसगढ़ की कैबिनेट की बैठक में आंतकी खतरों से निपटने के लिए एसओजी ग्रुप का गठन करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाने का भी निर्णय हुआ है. वहीं युवाओं को विमानन के क्षेत्र में ज्यादा अवसर देने के लिए एफटीओ की स्थापना भी होगी.
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है. इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी. आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी. इन कॉलोनियों के सौंपने से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी.
एसओजी का किया जाएगा गठन
मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का गठन किया जाएगा और इसके लिए 44 पदों को स्वीकृति भी दे दी गई है. एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है. एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है.
छग क्लाउड फर्स्ट नीति को मिली स्वीकृति
छग नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. प्रदेश में ‘छग क्लाउड फर्स्ट नीति’ को स्वीकृति मिली है. नया रायपुर में शासकीय कार्यालयों के लिए बहुमंजिला भवन निर्माण का निर्णय भी हुआ है.
कलेक्टरों को मिला भूमि आवंटन का अधिकार
छत्तीसगढ़ में निजी सहभागिता से फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की स्थापना की जाएगी. इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में शासकीय भूमि आवंटन का अधिकार जिला कलेक्टरों को दिया गया है. वहीं मोबाइल नेटवर्क विहीन इलाकों में टावर की स्थापना होगी. मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दे दी गई है.
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