हर माह पेंशन मिल रही है
रायपुर की बुजुर्ग महिला गंगा भारती का कहना है कि सरकार के दो साल अच्छे रहे हैं. उन्हें हर माह नियमित रूप से पेंशन मिल रही है. उनके पति सरकारी नौकरी में थे और वर्तमान में उन्हें 25 हजार रुपये मासिक पेंशन प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवन ठीक-ठाक चल रहा है. वहीं, वीरेंद्र कुमार बर्मन ने सरकार के कामकाज को अच्छा बताते हुए कहा कि प्रदेश में विकास हो रहा है, लेकिन शहरी इलाकों में कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.
बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी
सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष भी कम नहीं है. रामरूप साहू ने बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जताई. उनका कहना है कि 200 यूनिट तक बिजली बिल माफी नाकाफी है, इसे कम से कम 400 यूनिट तक बढ़ाया जाना चाहिए. साथ ही जमीन की खरीदी-बिक्री में आ रही दिक्कतों से छोटे किसानों और आम लोगों को परेशानी हो रही है. 2100 वर्गफीट से कम जमीन की रजिस्ट्री और डायवर्सन की समस्या लोगों को रोक रही है.
युवाओं को नौकरी नहीं मिली
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भटगांव निवासी युवक अजय कुमार सोनवानी ने सरकार के दो साल के कार्यकाल को असंतोषजनक बताया. उनके अनुसार, जितना विकास होना चाहिए था, उतना नहीं हुआ. बढ़ती जनसंख्या और प्रतियोगिता के कारण युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है. रायपुर निवासी मुकेश तिवारी ने भी सरकार के कामकाज को औसत बताते हुए कहा कि विकास की रफ्तार धीमी है और कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.
बस्तर क्षेत्र के हालात चिंताजनक
बस्तर क्षेत्र से आई आवाजें और ज्यादा चिंताजनक हैं. कोंडागांव जिले के मलिहार सिंह बघेल ने बताया कि गांवों की सड़कें बदहाल हैं. बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं. अस्पतालों की दूरी 60-70 किलोमीटर होने से इलाज में भारी परेशानी होती है. लोरमी की मुन्नी बाई ने बिजली बिल को गरीबों पर बोझ बताया. उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाले 1000 रुपये से ज्यादा पैसा बिजली बिल में चला जा रहा है.
नशे और अपराध पर सख्ती जरूरी
वहीं, कुछ लोगों ने सरकार के काम को सराहा भी है. रायपुर टिकरापारा निवासी मोहम्मद इकबाल ने कहा कि सरकार का दो साल का कार्यकाल अच्छा है और विकास जारी रहना चाहिए. हालांकि, नशे और अपराध पर सख्ती जरूरी है. महासमुंद जिले के किसान लोकेश कुर्रे ने धान खरीदी, टोकन और रकबा कटौती को लेकर गंभीर चिंता जताई और बताया कि इससे किसान मानसिक तनाव में हैं.
जनता की राय से साफ है कि छत्तीसगढ़ सरकार के दो साल का कार्यकाल न तो पूरी तरह सफल माना जा रहा है और न ही पूरी तरह असफल. योजनाओं का लाभ कुछ वर्गों तक पहुंचा है, लेकिन बिजली, कानून व्यवस्था, सड़क, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं पर सरकार को अब तेज और ठोस कदम उठाने की उम्मीद जनता कर रही है.
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