Namo Bharat RRTS corridors in NCR: आने वाले कुछ साल में एनसीआर का नक्शा पूरा बदला हुआ दिखाई देगा. अभी की तेज रफ्तार जिंदगी और भी फास्ट हो जाएगी. इसकी वजह है एनसीआर में बन रहे चार बड़े नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर. यह कॉरिडोर एनसीआर के 8 बड़े शहरों को जोड़ेंगे. जिनमें दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत, करनाल, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ शामिल हैं. हालांकि इन शहरों के अलावा अन्य शहरों और दर्जनों गांवों को भी इससे बड़ा फायदा होने वाला है. इन शहरों में जहां आपसी कनेक्टिविटी बेहतर होगी, समय और ऊर्जा की बचत होगी, वहीं आसपास के इलाकों में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल अवसर भी पैदा होंगे. जब से इन कॉरिडोरों को बनाने का ऐलान हुआ है, यहां इनका असर देखने को मिल रहा है. आइए जानते हैं कौन से हैं ये चार नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर और इनका काम कहां तक पहुंचा है?
पहला RRTS कॉरिडोर, 22 फरवरी को होगा उद्घाटन
दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन पीएम मोदी करने जा रहे हैं. इस कॉरिडोर से दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे से भी कम समय में पूरा होने जा रहा है.
दिल्ली से मेरठ नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर का उद्घाटन होने वाला है.
82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी. सबसे खास बात है कि सराय काले खां, मोदीपुरम, शताब्दीनगर और बेगमपुल जैसे स्टेशन अब केवल ट्रांजिट प्वाइंट नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाले समय में नए रिहायशी और कमर्शियल हब के रूप में उभरेंगे. बता दें कि दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ कॉरिडोर का 82 किमी में से 55 किमी हिस्सा पहले ही चालू हो चुका है. बाकी हिस्सा अब उद्घाटन के बाद शुरू हो जाएगा. जिससे दिल्ली-गाजियाबाद और
मेरठ के बीच का सफर बेहद आसान हो जाएगा.
दूसरा कॉरिडोर, ट्रैफिक जाम से दिलाएगा मुक्ति
गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा को सीधे जोड़ने वाला यह कॉरिडोर काफी खास है. खासतौर पर दिल्ली के जाम से परेशान लोगों के लिए यह सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा. इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दिल्ली को बायपास करेगा और लोगों को गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा पहुंचने के लिए दिल्ली के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा.गुरुग्राम से ग्रेटर
नोएडा तक इस RRTS कॉरिडोर की लंबाई करीब 60 से 61 किलोमीटर होगी. ट्रेनों की मैक्सिमम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि ऑपरेशनल स्पीड करीब 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है. इस स्पीड के साथ गुरुग्राम से नोएडा का सफर करीब 38 मिनट में पूरा हो सकेगा, जबकि फरीदाबाद तक पहुंचने में बस 22 मिनट लगेंगे.
फाइनल डीपीआर के मुताबिक इस रूट पर 6 से 8 स्टेशन होंगे.
हरियाणा सरकार ने मई 2025 में इसे इन प्रिंसिपल अप्रूवल दिया था और दिसंबर 2025 में डीपीआर को फाइनल कर दिया गया है. RRTS कॉरिडोर की शुरुआत गुरुग्राम के इफको चौक से होगी और यह नोएडा के सेक्टर 142-168 इंटरसेक्शन को कवर करते हुए ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक पहुंचेगा.
तीसरा कॉरिडोर, प्रदूषण से देगा राहत
नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर बनने से एनसीआर में कनेक्टिविटी बेहतरीन हो जाएगी.
दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-बावल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर आने वाले समय में एनसीआर को प्रदूषण से मुक्ति देने वाले कॉरिडोर बनने वाले हैं, क्योंकि इन दोनों कॉरिडोर के बनने से दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले करीब 2 लाख वाहनों में कमी आने की संभावना है.
डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के अनुसार दिल्ली में बनने जा रहे दिल्ली–पानीपत–करनाल और दिल्ली–गुरुग्राम–बावल रैपिड रेल (RRTS) कॉरिडोरों से सड़कों पर चलने वाले करीब 2 लाख वाहन कम हो सकते हैं. साथ ही दिल्ली से
करनाल पहुंचने में बस 90 मिनट का समय लगेगा और मुरथल पहुंचने में 30 मिनट लगेंगे. बता दें कि दिल्ली–गुरुग्राम–बावल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर गुरुग्राम, मानेसर, एमबीआईआर और बावल जैसे शहरी व औद्योगिक इलाकों से होकर गुजरेगा. यह न केवल दिल्ली एयरपोर्ट को आरआरटीएस से जोड़ेगा बल्कि एनसीआर की काम करने की क्षमता को भी बढ़ाएगा.
चौथा कॉरिडोर, सीधे एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी
गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित कॉरिडोर आने वाले वर्षों में बड़ा उपयोगी साबित होने वाला है क्योंकि यह कॉरिडोर सीधे एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी देगा. इस कॉरिडोर से बड़े स्तर पर रियल एस्टेट हब तैयार होने की संभावना है क्योंकि 72 किमी लंबे और 22 स्टेशन वाले इस कॉरिडोर के आसपास विकास की सुनामी आने वाली है.
गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से शुरू होकर यह कॉरिडोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगा, जिसकी कुल लंबाई 72.44 किलोमीटर होगी. पूरे रूट पर कुल 22 स्टेशन होंगे, जिनमें 11 रैपिड रेल और 11 मेट्रो स्टेशन के रूप में संचालित किए जाएंगे. एयरपोर्ट परिसर के भीतर 1.1 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत (Underground) होगा. फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक 14.2 किमी लंबा एलआरटी (LRT) प्रोजेक्ट भी इसी में समाहित होगा. साथ ही
सूरजपुर बड़ा जंक्शन बनेगा. यहां से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच प्रस्तावित कॉरिडोर को जोड़ा जाएगा. इस कनेक्टिविटी के जरिए यात्री आईजीआई (IGI) इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर आसानी से तय कर सकेंगे.