पंजाब के कपूरथला स्थित उत्तर भारत की प्रसिद्ध पुष्पा गुजराल साइंस सिटी अब पूरी तरह सौर ऊर्जा (Solar Energy) से जगमगाएगी। 72 एकड़ में फैली यह साइंस सिटी अब पारंपरिक बिजली के बजाय ‘पावर सेविंग मोड’ पर जाने की तैयारी कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के
सालाना 42 लाख का बिजली बिल होगा आधा
वर्तमान में साइंस सिटी के संचालन के लिए हर साल लगभग 10 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है, जिस पर 40 से 42 लाख रुपये का खर्च आता है। हालांकि 2013 से यहाँ 100 किलोवाट का सोलर पैनल काम कर रहा है, जो सालाना 90 हजार यूनिट पैदा करता है, लेकिन यह कुल जरूरत के मुकाबले बहुत कम है। नई योजना के तहत पूरी साइंस सिटी को सौर ऊर्जा पर शिफ्ट करने से प्रबंधन को सालाना 20 लाख रुपये की सीधी बचत होने का अनुमान है।
डोम थिएटर और सिमुलेटर शो में सबसे अधिक खपत
साइंस सिटी में सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले डोम थिएटर, थ्री-डी शो, फ्लाई सिमुलेटर और अर्थक्वेक सिमुलेटर सबसे अधिक बिजली की खपत करते हैं। इनके अलावा यहाँ 12 गैलरी, तीन पार्क और प्रशासनिक कार्यालय भी सौर ऊर्जा के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों से विचार-विमर्श
साइंस सिटी के प्रबंधन द्वारा इस प्रोजेक्ट को ‘रेस्क्यू मोड’ पर चलाने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा कंपनियों के साथ बातचीत की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के सौर ऊर्जा अभियान को बल देना और वाणिज्यिक बिजली की बढ़ती कीमतों से छुटकारा पाना है।
60 लाख सैलानियों की पसंद
2005 में अपनी स्थापना के बाद से अब तक करीब 60 लाख सैलानी साइंस सिटी का दौरा कर चुके हैं। हर साल यहाँ औसतन 3 से 3.5 लाख लोग पहुँचते हैं, जिनमें स्कूली बच्चों की संख्या सर्वाधिक होती है। ऊर्जा के क्षेत्र में यह बदलाव आने वाले समय में बच्चों के लिए भी एक व्यावहारिक शिक्षा का केंद्र बनेगा।







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