अक्सर देखा जाता है कि कई किसान मंजर आने के बाद अलग-अलग तरह की दवाओं का छिड़काव शुरू कर देते हैं. इससे कई बार फायदा होने की बजाय नुकसान हो जाता है और मंजर झड़ने लगता है. इसी समस्या को लेकर पूर्णिया ग्रोमर फूड नर्सरी के एक्सपर्ट अरविंद सत्यार्थी ने किसानों के लिए अहम जानकारी साझा की है.
मंजर आने से पहले ही शुरू कर दें तैयारी
एक्सपर्ट अरविंद सत्यार्थी बताते हैं कि आम, लीची सहित कई फलदार पेड़ों में बसंत पंचमी के आसपास मंजर आना शुरू हो जाता है. ऐसे में किसान अगर चाहते हैं कि उनके आम के पेड़ अच्छे फलन से लद जाएं, तो मंजर आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही दवाओं का छिड़काव शुरू कर देना चाहिए. उनका कहना है कि आने वाले 15 से 20 दिनों में आम के पेड़ों में मंजर साफ दिखाई देने लगेगा, इसलिए अभी से सतर्क हो जाना जरूरी है.उन्होंने बताया कि मंजर आने से पहले यदि तीन बार सही तरीके से स्प्रे कर दिया जाए, तो आम का फलन काफी बेहतर हो जाता है और पेड़ पर आम की संख्या भी बढ़ती है.
इन दवाओं का करें तीन बार छिड़काव
एक्सपर्ट के अनुसार, मंजर आने से पहले 15 लीटर पानी में 15 एमएल इमिडाक्लोप्रिड (Imidacloprid) दवा मिलाएं. इसके साथ 30 ग्राम सल्फर और करीब 6 ग्राम कीटनाशी मिश्रण मिलाकर अच्छी तरह घोल तैयार करें. इस घोल का दो से तीन बार छिड़काव करें. इससे कीटों का प्रकोप कम होगा और मंजर मजबूत होगा, जिससे आगे चलकर फल झड़ने की समस्या नहीं आएगी. अरविंद सत्यार्थी यह भी बताते हैं कि अक्सर लोग मंजर दिखने के बाद ही दवा डालते हैं, जिससे मंजर झड़ने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए सही समय पर दवा का छिड़काव करना बेहद जरूरी है.
पानी और लेप का भी रखें ध्यान
एक्सपर्ट का कहना है कि मंजर आने से पहले आम के पेड़ों की जड़ों में रोजाना भरपूर मात्रा में पानी देना चाहिए. इससे पेड़ स्वस्थ रहेगा और मंजर अच्छे से विकसित होगा. हालांकि, मंजर आने के बाद पानी देना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि उस समय अधिक नमी नुकसान पहुंचा सकती है. इसके साथ ही उन्होंने पेड़ों पर लेप लगाने की भी सलाह दी. इसके लिए 75 प्रतिशत चुना और 25 प्रतिशत तूतीया (कॉपर सल्फेट) को मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे पेड़ के तने पर नीचे से ऊपर तक लगा दें. इससे कीट-पतंगों और फंगल रोगों से काफी हद तक बचाव होता है.
छोटे उपाय, बड़ा फायदा
एक्सपर्ट बताते हैं कि सल्फर से हल्की गर्मी मिलती है, जिससे मंजर जल्दी और मजबूत आता है. मौजूदा मौसम में तापमान बढ़ रहा है, ऐसे में यह उपाय और भी फायदेमंद साबित हो सकता है. यदि किसान इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें और समय पर सही दवाओं का उपयोग करें, तो आम के पेड़ पर शानदार फलन होगा और पेड़ आम से लद जाएगा. इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आमदनी में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.