पंजाब के संगरूर में भट्टीवाल कला में निहंग बांणे में आए लोगों ने नाई का काम करने वाले एक सिख बुजुर्ग की जमकर पिटाई की। गांव के गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार ने विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ भी बदसलूकी की। गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार ने गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट की और पूरा गांव एकत्रित हो गया। गांव के लोगों ने मिलकर निंहग बांणे में आए लोगों की छित्तर परेड कर दी। छह में से एक को गांव के लोगों ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई करके उसे पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों के मुतबाकि गांव का बुजुर्ग जसपाल सिंह गुरसिख है और वो कई सालों से गांव में नाई की दुकान चलाकर अपना परिवार पाल रहा है। उनका कहना है कि एक कार में निहंग सिंहों का बाणा पहनकर छह लोग आए और आते ही जसपाल सिंह को पीटने लगे। वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया तो वो उन्हें भी धमकी देने लगे। मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार बुजुर्ग के साथ बदसलूकी की। वो फिर गुरुद्वारा साहिब में गए और उन्होंने अनाउंसमेंट करके सभी को जसपाल की दुकान पर आने को कहा। देखते देखते पूरा गांव वहां एकत्रित हो गया और उन्होंने निहंग सिंहों के बांणे में आए लोगों की धुनाई कर दी। इस घटना का अब वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। लोगों को आरोपियों के तरीके पर एतराज है और उन्होंने इसे गुंडागर्दी बताया। किडनी का मरीज है जसपाल सिंह ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि जसपाल सिंह गरीब है और उसकी किडनियां भी खराब हैं। वो नाई की दुकान चलाकर कई सालों से अपना परिवार पाल रहा है। महिलाओं का कहना है कि अगर निहंग सिंहों को सिख व्यक्ति द्वारा बाल काटना गलत लग रहा था तो वो उसे समझाते और माझी मंगवाते। किसी को इस तरह पीटना गलता है। निंहग नहीं थे बांणा पहनकर कर रहे थे बदमाशी भट्टीवाल कला के निवासी शेरी बाबा का कहना है कि निहंग ऐसे नहीं होते। उन्होंने कहा कि जो सिखी को प्यार करते हैं वो इस तरह का व्यवहार नहीं करते। उन्होंने कहा कि निहंग का बांणा पहनकर बदमाश आए थे। उन्होंने बताया कि वो सीधे जसपाल सिंह की दुकान पर आए और पीटने लगे। उन्हें किसी बात का एतराज था तो उसे समझाते। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों ने एकत्रित होकर फिर उनकी बदमाशी बाहर निकाल दी और उनकी जमकर पिटाई की। मुझे धमकी दी और कहा जो कर सकते हो कर लो गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार दीप सिंह ने बताया कि जब वो जसपाल को पीट रहे थे तो उन्होंने विरोध किया। उनसे कहा कि इसकी दुकान बंद करवाकर इसकी रोटी का प्रबंध करो। जिस पर निहंग बांणे में आए लोगों ने उन्हें ही धमकियां देनी शुरू कर दी और कहा कि जो कर सकता हो कर लो। बुजुर्ग ने बताया कि वो फिर गुरुद्वारा साहिब में गए और अनाउंसमेंट करके पूरा गांव बुला दिया। फिर गांव के लोगों ने उन्हें दिखा दिया कि किस तरह से बदमाशी की जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सिखी को बदनाम करते हैं। पंचायत के पास आते और बात करते, पीटना ठीक नहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें जसपाल सिंह के बाल काटने से दिक्कत थी तो उनको पंचायत के पास आकर बात करनी चाहिए थी। पंचायत में बात रखते और उसके बाद जसपाल सिंह से बात करते। वो गरीब आदमी है और उसकी रोजी रोटी का वही साधन है। लेकिन उन्होंने जो बदमाशी की है वो सहन करने लायक नहीं थी। ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना ग्रामीणों ने जब आरोपियों को पकड़ा और उनकी परेड की तो फिर उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तब तक बाकी लोग फरार हो चुके थे और एक ही व्यक्ति को उन्होंने पुलिस के हवाले किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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