पंजाब के नगर निगमों, नगर काउंसिलों और नगर पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मचारी और अन्य स्टाफ 6 मई से अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल पर रहेंगे। यह कमर्चारी लंबे समय से अपनी मांगाें काे लेकर विराेध जता रहे हैं। फैसला सफाई सेवक यूनियन पंजाब की आज मोगा में हुई एक बैठक में लिया गया। यूनियन के राज्प्र प्रधान ओक सरवाण की अगुवाई में हुई बैठक में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए यूनियन नेताओं ने भाग लिया और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। कई विभागाें के कमर्चारी लेंगे हिस्सा यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान सोमनाथ चोबड़ ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला 7 मार्च को लुधियाना के ईसड़ू भवन में हुई म्यूनिसिपल मुलाजिम एक्शन कमेटी पंजाब की बैठक के निर्णयों को लागू करने के लिए लिया गया है। हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। इस हड़ताल में सफाई सेवक, सीवरमैन, माली, बेलदार, सेवदार, चौकीदार, इलेक्ट्रीशियन, पंप ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क, ड्राइवर सहित फायर ब्रिगेड के सभी कर्मचारी शामिल होंगे। 20 साल के बाद भी नहीं किया जा रहा रेगुलर यूनियन के राज्य सचिव रमेश गहिचंद ने बताया कि स्थानीय संस्थाओं में पिछले 15-20 सालों से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को पंजाब सरकार ने अभी तक पक्का नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 2013 में कॉन्ट्रैक्ट बेस कर्मचारियों को पक्का करने के लिए बनाई गई नीति को म्यूनिसिपल कर्मचारियों पर लागू नहीं किया गया। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली करने की मांग अन्य मांगों में पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, लंबित पड़े सफाई सेवकों और सीवरमैन की भर्तियां करना तथा कच्चे कर्मचारियों की तनख्वाह में “बराबर काम-बराबर वेतन” के सिद्धांत के अनुसार बढ़ोतरी करना शामिल है। यूनियन ने सरकार से इन सभी लंबित मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार करने का आग्रह किया है।
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