अमृतसर के तरनतारन रोड पर अकाली दल वारिस पंजाब पार्टी की ओर से एक विशाल सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर खडूर साहिब से सांसद और डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। सभा के दौरान पंजाब के मौजूदा हालात और बंदी सिखों के मुद्दे पर खुलकर चर्चा की गई। मीडिया से बातचीत करते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि यह इकट्ठ पंजाब की स्थिति पर गंभीर विचार-विमर्श करने और पंजाबी कौम को एक मंच पर एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि भले ही अन्य कार्यक्रम भी तय थे, लेकिन पंजाब के अहम मुद्दों को जनता तक पहुंचाना ज्यादा जरूरी समझा गया। उनका कहना था कि बंदी सिखों के मामले में सरकार की भूमिका निराशाजनक है। तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि जिन सिख बंदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, उन्हें भी रिहा नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि यह कानून के नाम पर अन्याय है। उन्होंने केंद्र सरकार और पहले दिल्ली में रही आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी सवाल उठाए और कहा कि दोनों ही खुद को सिखों का हितैषी बताते हैं, लेकिन व्यवहार में ऐसा दिखाई नहीं देता। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से जुड़े कुछ लोगों पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि कुछ फैसलों को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है। अंत में तरसेम सिंह ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे धर्म और अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट हों और बंदी सिखों की रिहाई के लिए संघर्ष को और मजबूत बनाएं।
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