पंजाब पुलिस ने बेअदबी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन सरूपों (पवित्र ग्रंथ) के गुम होने के संबंध में 16 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें डॉ. रूप सिंह, मनजीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह, निशान सिंह, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, जुझार सिंह, बाज सिंह, दलबीर सिंह, कमलजीत सिंह, कुलवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह और अमरजीत सिंह शामिल हैं।
यह कार्रवाई अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रकाशन घर श्री गुरु ग्रंथ साहिब भवन में रिकॉर्ड के रख-रखाव में पाई गई कमियों और खराब प्रबंधन की लंबी जांच के बाद की गई है। एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 295 (किसी धर्म का निरादर करने के इरादे से पूजा स्थल या पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाना या बेअदबी करना), 295-ए (धार्मिक भावनाएं भड़काने के इरादे से जान-बूझकर की गई घृणित गतिविधियां), 409 (आपराधिक रूप से विश्वासघात), 465 (जालसाज़ी) और 120-बी (आपराधिक साज़िश) के तहत थाना डिवीजन-सी अमृतसर कमिश्नरेट में दर्ज की गई है।
इस संबंध में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि पंजाब सरकार किसी भी धर्म की बेअदबी को बर्दाश्त नहीं करेगी और इस तरह के घृणित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को हमारी सरकार द्वारा नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों ने हमें हर धर्म की रक्षा का मार्ग दिखाया है।
भाई बलदेव सिंह वडाला ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन सरूपों की बेअदबी के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की। उन्होंने स्पीकर संधवां से अपील की कि वे बेअदबी जैसे अपराधों के दोषियों को मृत्युदंड सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा में कानून पारित करें ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार के अपराध को करने की हिम्मत न कर सके जिससे समाज के लिए एक सख्त उदाहरण स्थापित हो।
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