पंजाब के लुधियाना में संदिग्ध परिस्थितियों में एक 25 वर्ष एडवोकेट युवती की मौत हो गई है। युवती ने सुसाइड किया है उसकी अलमारी से सुसाइड नोट भी मिला है। युवती की सहेली के मुताबिक मृतक युवती की अलमारी से सुसाइड नोट भी मिला है।
मृतक युवती की पहचान दिलजोत शर्मा निवासी मानसा के रूप में हुई है। यहां दिलजोत अपनी सहेली रविंदर के साथ ईडब्ल्यूएस कालोनी में किराए के मकान में रहती थी। दिलजोत की डीएमसी अस्पताल में मौत हुई है। उसके शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
दिलजोत के परिजन उसके साथ रहने वाली सहेलियों व अन्य लोगों पर उसकी हत्या का आरोप लगा रहे है। थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई करेगी।
जानकारी देते हुए दिलजोत की सहेली रविंदर कौर ने कहा कि मैं शिक्षक हूं। मेरे पास तीसरी से 12वीं तक के बच्चे ट्यूशन पड़ने आते है। दिलजोत मेरे साथ ही किराए पर रहती थी। काफी लंबे समय से बीमार थी। उसके डाइजेस्टिव सिस्टम में दिक्कत थी। बीती रात वह अचानक से जमीन पर गिर गई और उल्टियां करने लगी।
उसे पहले मेक्स अस्पताल लेकर गए। उसकी हालत में सुधार होता ना देख उसे डीएमसी अस्पताल रेफर किया गया लेकिन वहां डाक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। वहां डाक्टरों ने कहा कि मौत के कारणों का उन्हें नहीं पता इस कारण पुलिस वेरिफिकेशन होगी। दिलजोत के परिजनों को सूचना दी।
अलमारी से मिला सुसाइड नोट
आज जब अस्पताल वालों ने दिलजोत के कागजात मंगवाए थे तो मैं वहीं ढूंढ रही थी। मेरी और दिलजोत की अलमारी इकट्ठी है। हमारे कपड़े इक्ट्ठे पड़े रहते थे।
आज सुबह जब मैं उसका आधार कार्ड ढूंढ रही थी तो वहीं एक सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में उसने लिखा-मैं अपने आप से तंग हूं, मानसिक और फिजिकली भी दिक्कत में हूं। मैं बीमार हूं। मेरे परिवार वाले भी मुझे तंग करते थे।
इसलिए मैंने यह कदम उठाया। इसलिए यहां रहने वाले किसी को तंग ना किया जाए। यहां सभी लोग मेरा बहुत ख्याल रखते थे। दिलजोत पेशे से वकील थी। वह मजदूरों के केस लेबर कोर्ट में लगाता थी। दिलजोत को उसके परिवार से कोई स्पोर्ट नहीं थी। हमारी प्रशासन से मांग है कि इस के से निष्पक्ष जांच की जाए।
सुसाइड नोट की लिखावट मेरी बेटी की नहीं-मां बीरपाल कौर
मृतक दिलजोत कौर की मां बीरपाल कौर ने कहा कि रविंदर कौर ने जो सुसाइड नोट दिखाया है उसकी जांच की जाए। यह लिखावट मेरी बेटी की नहीं है। मैंने कड़ी मेहनत करके उसे वकालत करवाई है। रविंदर कौर आज से करीब 3 साल पहले हमारे घर आई थी। उस समय भी मैंने इसे अपने घर से भगाया था।
मैंने अपनी बेटी से भी कहा था कि तुम इन गलत लोगों के बातों में आ गई हो। ये लोग तुम्हें धमका कर नोच-नोच कर खाएंगे। ये मेरी को धमकियां देते थे कि तेरे भाई को मार देंगे। मेरी बेटी की हत्या की गई है। मैं जगदीश और रविंदर दोनों पर हत्या का आरोप लगा रही हूं।
मेरी बेटी का पीजीआई में हुआ इलाज, हालत थी बिल्कुल ठीक
मेरी बेटी का पीजीआई में उपचार चल रहा था। उसकी सभी रिपोर्ट मेरे पास है। वह बिल्कुल अब ठीक थी। जगदीश नाम का जो लड़के है वह पहले किसी अन्य लड़की के साथ रहता था अब वह मेरी बेटी के साथ रह रहा था। अब मेरी बेटी छोड़ी तो अब इस रविंदर के साथ रहने लगा।
रविंदर जो आरोप लगा रही है कि दिलजोत का परिवार उसे पूछता नहीं था तो पुलिस को दिलरोज की काल डिटेल चैक करन चाहिए। उसकी परिवार से बातचीत होती रहती थी। कल 1 बजे भी दिलरोज से मेरी बात हुई है।
थाना डिवीजन नंबर 7 के SHO गगनदीप ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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