लुधियाना नगर निगम की सेवाओं की सभी सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। नगर निगम ने दफ्तर के सिस्टम को लगभग ऑनलाइन कर दिया है। अब निगम पार्षदों के जरिए होने वाले कार्यों को भी ऑनलाइन करने जा रहा है। पार्षदों को हाईटेक कर दिया जाएगा इसके लिए उन्हें बाकायद
डिजिटल ई-निगम सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 132 टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव नगर निगम हाउस की बैठक में पास हो गया है। नगर निगम ने iPad या एंड्रॉयड टैबलेट खरीदने का ऑप्शन रखा है लेकिन अफसरों व पार्षदों ने iPad को प्राथमिकता दी है। हालांकि इसका फैसला आखिर में पर्चेज कमेटी ही करेगी।
नगर निगम ई-निगम पोर्टल और ऐप के जरिए जनरल हाउस की कार्यवाही से लेकर अन्य सभी कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में काम कर रहा है। सभी पार्षदों को आईपैड उपलब्ध कराने के बाद उन्हें ई-निगम पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा निगम हाउस की बैठक का एजेंडा, प्रस्ताव और वोटिंग प्रक्रिया भी आईपैड के जरिए ही हो सकेगी।
नगर निगम के पार्षद।
पार्षदों के बनेंगे लॉगइन
नगर निगम सभी पार्षदों के लॉगइन आईडी बनाएगा और पासवर्ड जनरेट करेगा। पार्षद अपनी लॉगइन आईडी से ही निगम से संबंधित सभी काम कर सकेंगे। इसमें शिकायत से लेकर निगम की सुविधाओं और आने वाले प्रोजेक्टों व अलग अलग बैठकों की कार्रवाई की जानकारी भी मिलेगी।
अफसर बोले, iPad ज्यादा बेहतर
मेयर व कमिश्नर ने अफसरों से आईपैड व एंड्रॉयड टैबलेट में तुलना करके रिपोर्ट देने को कहा था। अफसरों की रिपोर्ट के मुताबिक iOS (Apple iPad) को सीमित डिवाइस रेंज, बेहतर सुरक्षा, नियमित और लंबे समय तक मिलने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट तथा सेंट्रलाइज्ड सर्विस सपोर्ट के कारण तकनीकी रूप से अधिक स्थिर माना गया है। वहीं, Android टैबलेट में विभिन्न निर्माताओं के कारण हार्डवेयर विकल्प ज्यादा हैं और शुरुआती लागत कम है, लेकिन डिवाइस फ्रैगमेंटेशन और अपडेट असमानता को चुनौती बताया गया है।
132 टैबलेट की कुल लागत:
- iPad खरीदने पर करीब ₹1.09 करोड़
- Android टैबलेट लेने पर करीब ₹80.51 लाख
- Apple iPad (8GB RAM, 128GB स्टोरेज) की अनुमानित कीमत करीब ₹82,800 प्रति यूनिट बताई गई है।
- Android टैबलेट (Samsung Tab S10 FE 5G, 8GB RAM, 128GB स्टोरेज) की कीमत करीब ₹60,998 प्रति यूनिट आंकी गई है।

आईपैड।
iPad मिलने से पार्षदों को मिलेंगी ये सुविधाएं
जनरल हाउस पूरी तरह पेपरलेस: एजेंडा, प्रस्ताव, नोटिस और कार्यवाही अब कागज़ पर नहीं बल्कि iPad पर मिलेगी। इससे समय और कागज दोनों की बचत होगी।
ई-निगम पोर्टल का सीधा उपयोग: पार्षद सीधे iPad के माध्यम से प्रस्ताव देख सकेंगे, सवाल व सुझाव दर्ज कर सकेंगे तथा प्रस्तावों पर वोटिंग या समर्थन कर सकेंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी: सभी रिकॉर्ड डिजिटल होने से फैसलों की ट्रैकिंग आसान होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
तेजी से निर्णय प्रक्रिया: फाइलें इधर-उधर घूमने के बजाय एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी, जिससे निर्णय लेने में देरी कम होगी।
फील्ड से सीधे काम: पार्षद अपने वार्ड से ही नगर निगम में शिकायतें दर्ज कर सकेंगे। फोटो और जानकारी अपलोड करके अफसरों को समस्या से अवगत करा सकेंगे। इसके अलावा अफसरों के साथ सीधा संपर्क हो जाएगा।
पार्षद ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकेंगे: वार्ड में सीवरेज जाम, पानी व सफाई से संबंधित समस्याओं को दर्ज करवाने के लिए लोग पार्षद के पास जाते हैं। पार्षद उन शिकायतों को अपने रजिस्टर में दर्ज करते हैं और उसके बाद नगर निगम की संबंधित ब्रांच को फोन करते हैं।
अब ऐसा नहीं होगा। जब पब्लिक उनके पास शिकायत दर्ज करवाने जाएगी तो पार्षद आईपैड के जरिए सीधे पोर्टल पर शिकायत अपलोड कर देगा और उसके बाद पार्षद उस शिकायत को भी ट्रैक कर सकेगा। जो कर्मचारी शिकायत को अटकाएगा उसका रिकार्ड भी पार्षद के पास होगा। ऐसे में वो सीनियर अधिकारी को संबंधित कर्मचारी के बारे में बता सकेगा।
दस्तावेज वेरिफिकेशन: पंजाब सरकार व केंद्र सरकार के ई-सेवा पोर्टल के जरिए कई पार्षदों को कई दस्तावेजों की वेरिफिकेशन ऑनलाइन ही करनी पड़ती है। पब्लिक को अपने दस्तावेजों की वेरिफिकेशन के लिए अब पार्षदों के पास चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जैसे ही सेवा केंद्र से दस्तावेज पार्षद की आईडी में आएगा वैसे ही वो आईपैड के जरिए उसे अप्रूव कर सकेगा।
ई-निगम सेवाओं के जरूरी है हाईटेक होना
नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने कहा ई निगम सेवाओं के लिए पार्षदों का हाईटेक सिस्टम से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पार्षदों को निगम स्टाफ व अधिकारियों के साथ कम्युनिकेशन में आसानी रहेगी और पब्लिक की शिकायतें भी जल्दी एड्रेस हो जाएंगी।
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