पंजाब के लुधियाना में आज सिविल लाइन्स वृंदावन रोड पर मोगा पुलिस ने दबिश दी। पुलिस टीम ने अचानक एक घर को चारो तरफ से घेर लिया। बड़ी संख्या में पुलिस बल घर के अंदर दाखिल हुए। रेड दौरान 3 बदमाशों को पुलिस ने काबू किया। तीनों की चेहरा छिपाने के लिए उनके चेहरे पर काले और सफेद रंग के लिफाफे पुलिस ने डाले। सूत्रों मुताबिक सूचना है कि बाघापुराना में सरपंच हरविंदर सिंह उर्फ हैप्पी की हत्या केस में पुलिस ने इन तीन युवकों को गिरफ्तार किया है लेकिन अभी आधिकारिक रूप से किसी पुलिस अधिकारी ने पुष्टी नहीं की। मौके पर पहुंचे एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि इस मामले में मोगा पुलिस के सीनियर अधिकारी ही बता सकते है। 6 मार्च को हुई हैप्पी थी हत्या
बाघापुराना में 6 मार्च को भरे बाजार में दिनदहाड़े फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार अज्ञात हमलावरों ने गांव पत्तो हीरा सिंह के मौजूदा सरपंच हरविंदर सिंह उर्फ हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरपंच की हत्या के बाद रूपिंदर कौर नाम की एक महिला ने कुछ चैनलों को दिए बयान में कहा था कि सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी उनकी मदद करते थे, जिस कारण उसके पति और परिवार वालों ने ही हैप्पी की हत्या कर दी। वहीं मृतक के पिता ने भी बताया था कि उनका बेटा गांव जेमल वाला की एक लड़की की मदद करता था, जिसके चलते उसके पति और परिवार ने उसके बेटे की हत्या करवा दी। बाघापुराना पुलिस ने मृतक सरपंच के पिता के बयान के आधार पर रूपिंदर कौर के पति मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू, जोबनप्रीत सिंह, जसवंत सिंह, जसकरण सिंह उर्फ जासू और 6–7 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पुलिस ने पहचान की शुरू
सरपंच को हत्या करने के बाद चारों आरोपी जम्मू कश्मीर भाग गए थे पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान के बाद पीछा कर रहे थे आखिर कार चारों आरोपी जम्मू कश्मीर के हाथ लग गया जम्मू कश्मीर में चारों आरोपियों गिरफ्तार करने के बाद मोगा पुलिस को सौंप दिया। बाघापुराना के डीएसपी दलबीर सिंह ने बताया कि मोगा पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू की पहचान कर ली थी, जबकि बाकी तीन आरोपियों की पहचान बाद में हुई। हत्यारों ने गांव राउके कलां से फॉर्च्यूनर किराए पर ली
पुलिस जांच में सामने आया कि चारों आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए गांव राउके कलां से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी किराए पर ली थी। हत्या करने के बाद उन्होंने वह गाड़ी जगराओं के एक गांव में अपने किसी रिश्तेदार के घर के बाहर छोड़ दी और अपनी दूसरी गाड़ी में सवार होकर जम्मू-कश्मीर की तरफ फरार हो गए। मोगा पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर गाड़ी को बरामद कर लिया। इसके बाद टेक्निकल टीम और मोगा सीआईए स्टाफ ने आरोपियों का पीछा किया। इस दौरान चारों आरोपी जम्मू-कश्मीर के लद्दाख इलाके में अपनी गाड़ी खराब होने के कारण रुक गए, जहां जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू, योगेश शर्मा, हरविंदर सिंह उर्फ हिन्दा और जसनप्रीत सिंह उर्फ जस्सा के रूप में हुई है। मनप्रीत सिंह बबलू का नाम पहले से ही एफआईआर में दर्ज था, जबकि बाकी तीनों के नाम भी अब एफआईआर में शामिल कर लिए गए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिए हैं। इनमें एक पिस्तौल मनप्रीत सिंह बबलू की लाइसेंसी है, जबकि दो अन्य पिस्तौल अवैध हैं। पुलिस के अनुसार इस वारदात में करीब 15 राउंड फायर किए गए थे। सभी आरोपी मनप्रीत सिंह बबलू के दोस्त बताए जा रहे हैं। डीएसपी दलबीर सिंह ने बताया कि मनप्रीत सिंह बबलू के भाई जोबनप्रीत सिंह, पिता जसवंत सिंह और जसकरण सिंह जस्सू का नाम भी एफआईआर में दर्ज है। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में रूपिंदर कौर की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
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