पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने माछीवाड़ा के ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर (BPEO) को तुरंत प्रभाव से संस्पेंड कर दिया है। बैंस ने माछीवाड़ा के इंदिरा कॉलोनी सरकारी प्राइमरी स्कूल में छापा मारा था। औचक निरीक्षण दौरान चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। निरीक्षण के दौरान अधिकतर छात्र साधारण पंजाबी पाठ पढ़ने में भी असमर्थ मिले। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए मंत्री ने माछीवाड़ा के ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर (BPEO) को तुरंत प्रभाव से संस्पेंड कर दिया। 3 शिक्षकों को कारण बताओं नोटिस भी जारी
मंत्री बैंस ने स्कूल में तैनात तीन शिक्षकों को भी न्यूनतम शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने स्थिति को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए कहा कि अगर बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत नहीं हुई तो पूरी पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो सकता है। मंत्री बैंस ने कहा-जो मैंने आज देखा, वह स्वीकार्य नहीं है। बच्चे अपनी मातृभाषा तक नहीं पढ़ पा रहे। ऐसे में वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर या जिम्मेदार नागरिक कैसे बनेंगे? निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्कूल की आधिकारिक शैक्षणिक रिपोर्ट भी देखी, जिसमें सभी छात्रों के प्रदर्शन को अच्छा दिखाया गया था। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कागजों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है और इसकी जांच करवाई जाएगी। रिकॉर्ड में हेरफेर करना जनता के विश्वास के साथ धोखा
बैंस ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि रिकॉर्ड में हेरफेर करना जनता के विश्वास के साथ धोखा है। स्कूल के कुछ कमरों में खराब रोशनी और गंदगी देखने के बाद मंत्री ने तुरंत बुनियादी सुविधाएं सुधारने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए। शिक्षकों ने स्टाफ की कमी का हवाला दिया, लेकिन मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जिम्मेदारी और अनुशासन से समझौता नहीं किया जा सकता। पंजाब सरकार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि नई भर्तियां और सख्त मॉनिटरिंग जारी रहेगी। साथ ही राज्यभर में ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी किए जाएंगे ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
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