लुधियाना में मैरिज पैलेस बाठ कैसल में फायरिंग के बाद भागते लोग। (फाइल शाट)
पंजाब के लुधियाना में 37 दिन पहले पक्खोवाल रोड पर मैरिज पैलेस बाठ कैसल दो गुट अंकुर लुधियाना और शुभम मोटा के गुर्गों में फायरिंग हुई थी। फायरिंग दौरान 2 लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। मरने वालों में हौजरी कारोबारी वासु और जालंधर की निवासी नीरू ह
इस केस में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन असल आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से कोसों दूर है। मुख्यारोपियों को गिरफ्तार करने में लुधियाना पुलिस पूरी तरह से फेल साबित हुई है। इस केस में आज 37 दिन हो गए है।
पुलिस ना तो शुभम मोटा को पकड़ पाई और ना ही अंकुर गैंग के रुबल को दबोच सकी। दरअसल शुभम मोटा और रूबल दोनों ही राजनेताओं के खासमखास है। इस कारण कही ना कही जिला पुलिस भी दबाव तले नजर आ रही है।
दूल्हे की एंट्री के बाद चली गोलियां
घटना के समय दूल्हे वरिंदर कपूर था ने बताया कि उन्होंने करीब 1,000 लोगों का अरेंजमेंट किया था अभी दुल्हन की एंट्री होनी थी कि उससे पहले ही गोलियां चलने लगी। किसी तरह उसने खुद भी छुप कर अपना बचाव किया।
दूल्हे का कहना था कि उसे नहीं पता किन लोगों ने गोलियां चलाई है और गोली चलने का कारण क्या है।
दूल्हे की एंट्री के तुरंत बाद चली थी गोलियां।
धीरे-धीरे केस पड़ा ठंडा
फायरिंग के केस में जिस तरह से पुलिस ने पहले 3 से 4 दिन तेजी दिखाई उसके बाद धीरे-धीरे इस केस को बाकी अनसुलझे केसों की तरह दबा दिया जा रहा है। इस केस में ना तो अब कही कोई रेड हो रही है और ना ही इस केस के बारे कोई पुलिस अधिकारी मीडिया से अपडेट साझा कर रहे है। इस केस को पूरी तरह से ठंडा कर दिया गया है।
इसके इलावा पुलिस ने उन मेहमानों की भी पहचान की है जो प्रतिबंध के बावजूद मैरिज पैलेस में लाइसेंसी हथियार लेकर आए थे लेकिन अभी तक उन मेहमानों पर भी कोई सख्त एक्शन पुलिस ने नहीं लिया है। उस समय पुलिस का दावा था कि जो लोग शादी समारोह में हथियार लेकर आए है उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। इसे लेकर भी अधिकारियों ने मीडिया को कोई अपडेट नहीं दिया। वहीं शुभम मोटा के विदेश भागने की भी चर्चा है।
शुभम अरोड़ा पर इन थानों में हुए पर्चे दर्ज
30 अक्तूबर 2015 को थाना दरेसी की पुलिस ने धारा IPC 323,341,506,307,324 के तहत मामला दर्ज किया था।
1 जनवरी 2017 को थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस ने धारा IPC 323,452,427,148,149 के तहत मामला दर्ज किया था।
13 मई 2017 को थाना दरेसी की पुलिस ने धारा IPC 452,427,506,148,149 के तहत मामला दर्ज किया था।
11 जुलाई 2017 थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने धारा IPC 323,324,341,148,149,342 के तहत मामला दर्ज किया था।
4 मई 2018 को थाना डिवीजन नंबर 4 की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 के तहत मामला दर्ज किया था।
13 मई 2018 को थाना हैबोवाल की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 के तहत मामला दर्ज किया था।
21 अगस्त 2018 थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया था
12 अक्तूबर 2019 को थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने धारा IPC 307,452,323,506,34 के तहत मामला दर्ज किया था।
12 फरवरी 2020 को थाना मोती नगर की पुलिस ने IPC की धारा 307,323,324,325,326,321,148,149 के तहत मामला दर्ज किया था।
09 मार्च 2020 को सिटी खन्ना-2 की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 के तहत मामला दर्ज किया था।
05 जुलाई 2020 को थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने जेल अधिनियम IPC 42,45,52(1)A के तहत मामला दर्ज किया था।
04 जून 2021 को थाना मोती नगर की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया था।
26 जून 2022 को थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 और IPC 307,148,149,506,120b के तहत मामला दर्ज किया था।
09 जुलाई 2022 को थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 और IPC 307,336,166,120b के तहत मामला दर्ज किया था।
21 फरवरी 2024 को थाना कोतवाली की पुलिस ने आर्म्स एक्ट 25 और IPC 307,323,507,166,148,149,201 के तहत मामला दर्ज किया था।
30 नवंबर 2025 को थाना सदर की पुलिस ने BNS की धारा 109,103, 191(3),190, आर्म्स एक्ट 25,27 के तहत मामला दर्ज किया है।
अंकुर पर दर्ज FIR 17 मार्च 2024 को डिवीजन नंबर 1 में FIR दर्ज की गई।
30 नवंबर 2025 को थाना सदर की पुलिस ने BNS की धारा 109,103, 191(3),190, आर्म्स एक्ट 25,27 के तहत मामला दर्ज किया है।
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