पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मामलों की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारियों की लगातार गैरहाजिरी और लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। अदालत ने कहा कि कई मामलों में यह देखा गया है कि जांच अधिकारी अदालत के आदेश के बावजूद सुनवाई के दिन पेश नहीं होते। कई बार वे केस डायरी और जरूरी तथ्यों की पूरी तैयारी के बिना ही अदालत पहुंचते हैं। इससे अदालत की कार्यवाही प्रभावित होती है और मामलों के फैसले में देरी होती है। जज ने जताई नाराजगी मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुमीत गोयल की पीठ ने कहा कि जब जांच अधिकारी केस से जुड़े पूरे दस्तावेज और जानकारी के साथ अदालत में नहीं आते, तो सरकारी वकील भी अदालत की ठीक से मदद नहीं कर पाते। इससे अदालत को जरूरी तथ्य नहीं मिल पाते और सुनवाई प्रभावित होती है। अदालत ने यह भी कहा कि सरकारी वकील की भूमिका सिर्फ सरकार का पक्ष रखना नहीं है। वह अदालत का अधिकारी भी होता है और उसका कर्तव्य है कि वह न्याय प्रक्रिया में अदालत की सही तरीके से मदद करे। पेश होने के आदेश का पालन नहीं सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि 24 फरवरी के आदेश में संबंधित जांच अधिकारी को केस डायरी के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया था, लेकिन वह अदालत में नहीं आया और अनुपस्थिति का कोई ठोस कारण भी नहीं बताया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि अब उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसलिए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) को अगली सुनवाई पर खुद अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है।
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