लुधियाना के माछीवाड़ा रोड पर स्थित भामा कलां गांव में एक शादी समारोह उस वक्त हंगमा हो गया जब हथियारों से लैस करीब 25-30 युवकों ने एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और गाड़ियां तोड़ीं,बल्कि बंदूक की नोक पर 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण भी कर लिया। शादी से लौटते ही घेरा,लाठी-डंडों से किया हमला पीड़ित युवक सुलेमान निवासी टेढेवाल ने बताया कि वे भामा कलां गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। जब बारात सरहिंद के लिए रवाना होने लगी तो गांव से महज 500 मीटर की दूरी पर ही हमलावरों ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया।
सुलेमान के अनुसार लगभग 25-30 हमलावरों ने अचानक हमला कर दिया। उन्होंने हमारी गाड़ियां तोड़ दीं और मेरे पिता, भाई और मुझे बुरी तरह पीटा। मेरे पिता का कंधा टूट गया है। इसी बीच वे मेरी 14 साल की बहन को जबरन उठाकर ले गए। वीडियो में क्या नजर आया इस पूरी घटना का एक 5 मिनट का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। वीडियो में दर्जनों लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। पूरा इलाका जैसे जंग का मैदान बन गया।वही दूसरी और उपद्रवियों ने न सिर्फ पत्थरबाजी की बल्कि बीच रास्ते में खड़ी गाड़ियों को भी निशाना बनाया। कई वाहनों के शीशे चकनाचूर कर दिए गए। हिंसा का आलम यह था कि कई लोग सिर फटने और खून से लथपथ होने के बावजूद एक-दूसरे पर डंडे बरसाना बंद नहीं कर रहे थे। देखते ही देखते पूरा इलाका खाली हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबक गए जबकि बाहर उपद्रवी खुलेआम उत्पात मचा रहे थे। पुरानी रंजिश का मामला: पहले भी हो चुका है हमला परिजनों ने आरोप लगाया कि यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है। हमलावरों ने पहले भी रात के समय पीड़ित के घर पर हमला किया था और कोठी के शीशे तोड़ दिए थे। सुलेमान ने बताया उस समय भी वे लड़की को उठाने आए थे लेकिन हमारे जाग जाने के कारण वे भाग गए। हमने लड़की की इजात के डर से तब मामला दर्ज नहीं कराया था जिसका फायदा उठाकर उन्होंने अब इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित परिवार ने लुधियाना पुलिस कमिश्नर से अपील करते हुए कहा हमारे पास पूरी घटना की वीडियो फुटेज मौजूद है। गुंडागर्दी सरेआम हुई है गाड़ियां तोड़ी गई हैं और हमारे लोग PGI में भर्ती हैं। हम सिर्फ इंसाफ और अपनी बच्ची की सुरक्षित वापसी चाहते हैं।
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