चंडीगढ़ जिला न्यायालय ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की 2017 में दर्ज मानहानि मामले में जमानत रद्द कर दी। सुनवाई के दौरान पेश न होने पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया। यह आ
यह मामला मोहाली निवासी और अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, सुखबीर बादल ने मीडिया को दिए बयानों में अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक मोर्चा बताया था, जो समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर प्रसारित हुआ। आरोप है कि इन बयानों से संगठन की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
विधायक पठानमाजरा ने कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत याचिका
दुष्कर्म मामले में नामजद सनौर से AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। फिलहाल इस याचिका पर सुनवाई के लिए बेंच का गठन नहीं हो सका है। उनके वकील एडवोकेट विक्रम भुल्लर और सरबजीत सग्गू के अनुसार, कोर्ट में हड़ताल के चलते बेंच तय नहीं हो पाई।
इससे पहले पठानमाजरा ने पटियाला सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिसे अक्टूबर में खारिज कर दिया गया था। इसके करीब दो महीने बाद अब हाई कोर्ट का रुख किया गया है। याचिका में दलील दी गई है कि शिकायतकर्ता महिला पहले खुद को विधायक की पत्नी बताती रही है और अब दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है, जिसे राजनीतिक साजिश बताया गया है।
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