पंजाब भाजपा के उपप्रधान बिक्रम सिंह चीमा ने कहा कि सिखों के डीएनए में देश भक्ति और कुर्बानी का जज्बा कूट-कूटकर भरा हुआ है मगर कुछ लोग इसे समझ नहीं पा रहे हैं। पंजाबी साल 1984 को भूले नहीं हैं, कैसे श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में टैंक और तोपों से हमले किए गए। वहीं कांग्रेसी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिखों के प्रति आस्था पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
मंगलवार को प्रदेश मुख्यालय में चीमा ने महासचिव दयाल दास सोढी व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मंजीत सिंह राय के साथ पत्रकारों से बात की। मंजीत राय ने आप और कांग्रेस को चल रहे शहीदी दिवस के नाम पर राजनीति करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि देश में सिख प्रधानमंत्री भी रहे हैं और सूबे में कई सिख सीएम रहे हैं मगर गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की लासानी कुर्बानी को नमन करने के लिए किसी ने कोई विशेष दिवस की घोषणा नहीं की।
पीएम मोदी ने ही साहिबजादों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर वीर बाल दिवस मनाने का एलान किया था। आज विरोधी इस दिवस का नाम बदलने पर राजनीति कर रहे हैं। ये दिन वीरों को नमन करने के चल रहे हैं, राजनीति करने के नहीं।
महासचिव दयाल सोढी ने बताया कि इस उपलक्ष्य में भाजपा पंजाब में 24 से 26 दिसंबर तक ब्लाक व जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि देश के 768 जिलों में एक साथ विभिन्न भाषाओं में शहादत दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें पंजाब भी शामिल है। शहादत का संदेश बंगाली, तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मराठी, गुजराती, असमिया सहित हर राज्य की मातृभाषा में लोगों तक पहुंचाया जाएगा। पंजाब में हर ब्लॉक व जिला स्तर पर गुरुद्वारों में पाठ व कीर्तन होंगे जबकि शैक्षणिक संस्थानों में सेमिनार, वक्तव्य, प्रदर्शनियां व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर मीडिया सचिव विनीत जोशी भी मौजूद रहे।
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