सेक्टर-5 की खासियत
एयरपोर्ट के बिल्कुल करीब यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर-5 को विशेष रूप से आवासीय श्रेणी के लिए विकसित किया जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन है. यह सेक्टर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित है. इसके पास ही फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और इंटरनेशनल लॉजिस्टिक हब जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. इस सेक्टर में भूमि अधिग्रहण का कार्य 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और प्राधिकरण अब यहां टोपो ग्राफिकल सर्वे कराने जा रहा है, ताकि आवंटियों को जल्द कब्जा दिया जा सके.
भूखंडों का साइज और संभावित कीमत
इस नई योजना में मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के प्लॉट रखे गए हैं. 200 वर्गमीटर, 300 वर्गमीटर और 450 वर्गमीटर. मध्यम वर्गीय परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन साइज का चुनाव किया गया है. वर्तमान अनुमानों के अनुसार, जमीन की कीमत लगभग ₹35,000 प्रति वर्गमीटर के आसपास रहने की संभावना है. हालांकि, आधिकारिक दरों की घोषणा योजना के ब्रोशर के साथ की जाएगी. यह कीमत नोएडा या गुरुग्राम के विकसित इलाकों की तुलना में काफी कम है, जिससे यहां एंट्री लेवल पर निवेश करना आसान है.
आवेदन कैसे करें
पूरी प्रक्रिया जानें यमुना प्राधिकरण की इस योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी होगी. इच्छुक लोग प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकेंगे.
पंजीकरण शुल्क
आवेदन करते समय कुल भूखंड मूल्य का 10% ‘रजिस्ट्रेशन मनी’ के रूप में जमा करना होगा.
लॉटरी सिस्टम
चूंकि मांग बहुत अधिक होने की उम्मीद है, इसलिए आवंटन ‘लकी ड्रॉ’ के जरिए किया जाएगा.
आवंटन के बाद
सफल आवंटियों को 60 दिनों के भीतर कुल राशि का एक निश्चित हिस्सा (लगभग 30%) जमा करना होगा, जिसके बाद बाकी की राशि किस्तों में चुकाने की सुविधा मिलेगी.
बिज़नेस और निवेश के नजरिए से फायदे एक निवेशक के लिए यह क्षेत्र भारत का सबसे तेजी से उभरता हुआ ‘रियल एस्टेट हॉटस्पॉट’ है. जानकारों का मानना है कि 2030 तक, जब एयरपोर्ट पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा, तो यहां की कीमतों में 200% से 300% तक का उछाल देखा जा सकता है. फिल्म सिटी और इंडस्ट्रियल पार्क की वजह से यहां रेंटल इनकम (किराया) की भी अपार संभावनाएं होंगी. कनेक्टिविटी के लिहाज से यह इलाका यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल और प्रस्तावित मेट्रो/रैपिड रेल से जुड़ा हुआ है, जो इसके व्यावसायिक महत्व को दोगुना कर देता है.
आम लोगों को क्या होगा फायदा? आम आदमी के लिए यह योजना किसी लॉटरी से कम नहीं है. प्राधिकरण द्वारा आवंटित प्लॉट पूरी तरह से कानूनी बाधाओं से मुक्त और सुरक्षित होते हैं. यहां सड़क, बिजली, सीवरेज और पार्कों का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जा रहा है. साथ ही, प्राधिकरण ने किसानों के लिए 17.5% और उद्यमियों के लिए 5% का कोटा आरक्षित रखा है, जिससे समाज के हर वर्ग को साथ लेकर विकास सुनिश्चित किया जा सके.
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