साउथ गोवा में प्रॉपर्टी मांग काफी बढ़ गई है.
जीएचडी स्काई पार्क को लेकर दी गई जानकारी में बताया गया कि 3.5 लाख वर्ग फुट के एरिया में एक बेसमेंट और नौ फ्लोर होंगे और इसमें लगभग 280 प्लान किए गए स्टूडियो, 1 और 2-BHK प्रीमियम ब्रांडेड लग्जरी अपार्टमेंट बनाए जाएंगे, जिन्हें आज की शहरी जीवनशैली की पसंद के हिसाब से जगह, फंक्शनैलिटी और आराम को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया जाएगा. नए साल में लांच होने जा रहे इस प्रोजेक्ट को दो फेज में पूरा किया जाएगा. पहले फेज में जनवरी 2026 में काम शुरू होगा और 2029 तक यह पूरा होगा.
इस बारे में जीएचडी के ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, भरत ठकरान कहते हैं कि गोवा अपने पारंपरिक पर्यटन आकर्षण से परे, एक गंभीर आवासीय और निवेश बाजार के रूप में तेजी से उभर रहा है. जैसा कि लोगों की मांग है, जीएचडी स्काई पार्क के साथ, हम रॉयल ऑर्किड के माध्यम से पेशेवर प्रबंधन के साथ एक ब्रांडेड, हॉस्पिटैलिटी-एकीकृत आवासीय प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं.’
वहीं ग्रुप के सीईओ धीरज शर्मा ने कहा, ‘आज के खरीदार घरों से आगे अनुभव, सुविधा और भविष्य के लिए तैयार डेवलपमेंट चाहते हैं. इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए हम कुशल डिजाइन और क्वालिटी कंस्ट्रक्शन के साथ ही रॉयल ऑर्किड द्वारा मैनेज्ड सर्विस अपार्टमेंट ऑपरेशन के इंटीग्रेशन के साथ प्लान कर रहे हैं. हमारा फोकस अनुशासित एग्जीक्यूशन, पारदर्शिता और समय पर डिलीवरी पर बना हुआ है, जिससे ग्राहकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए लंबे समय तक वैल्यू सुनिश्चित हो सके.’
कौन लोग कर रहे गोवा में निवेश?

गोवा अब जेन-Z और मिलेनियल्स का रहने के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है.
गोवा को लेकर खासतौर पर देखा जा रहा है कि एक ऐसा मार्केट बन गया है जहां एंड-यूज़र्स, मिलेनियल्स, युवा प्रोफेशनल्स, रिटायर लोग और वेलनेस पर आधारित लाइफस्टाइल पर फोकस करने वाले खरीदार तेजी से निवेश कर रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण से दूर गोवा एक भरोसेमंद और मॉडर्न हॉस्पिटैलिटी के साथ ताजा और साफ हवा वाले साफ-सुथरे और शांत वातावरण वाले शहर के रूप में आगे बढ़ रहा है.
सेकेंड होम क्यों चुन रहे लोग?
गोवा में सेकेंड होम के रूप में वन-बीएचके अपार्टमेंट खरीदने वाले एक निवेशक ने बताया कि यहां आधुनिक चकाचौंध भी है और घनघोर शांति भी है. यहां की ताजा और शुद्ध हवा के साथ लंबे समुद्री बीच इसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं. दिल्ली-एनसीआर में रहते हुए ऐसे ही घर की जरूरत महसूस होती है जहां कुछ महीने चैन से गुजारे जा सकें. काम के चलते दिल्ली-एनसीआर छूटना संभव नहीं है लेकिन यहां घर लेने से जीवन का लुत्फ भी उठाया जा सकता है.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.