शेखपुरा में लगातार जारी भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का गंभीर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन शेखपुरा ने एहतियातन बड़ा और जरूरी फैसला लिया है।
जिलाधिकारी शेखर आनंद के आदेश पर जिले के कक्षा 5 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में 31 दिसंबर तक शिक्षण कार्य पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत जारी हुआ आदेश
जिला शिक्षा विभाग से गुरुवार की देर शाम प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी शेखर आनंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है।
आदेश के तहत जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा प्रथम से पंचम तक के छात्रों का पठन-पाठन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित पूर्व-स्कूली शिक्षा को भी इस आदेश के दायरे में शामिल किया गया है।
कक्षा 6 से ऊपर की पढ़ाई सीमित समय में होगी संचालित
हालांकि, जिला प्रशासन ने उच्च कक्षाओं की पढ़ाई को पूरी तरह बंद नहीं किया है। आदेश के अनुसार कक्षा 6 से ऊपर की सभी कक्षाएं सुबह 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक संचालित की जाएंगी। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ठंड से बचाव के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं, ताकि छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
पहले भी घोषित की जा चुकी है ठंड को लेकर छुट्टी
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला प्रशासन द्वारा ठंड के प्रकोप को देखते हुए 23 से 25 दिसंबर तक कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था। बावजूद इसके मौसम में कोई खास सुधार नहीं होने के कारण ठंड और शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है।
वर्तमान में जिले का न्यूनतम तापमान 7 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे खासकर सुबह और शाम के समय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
तेज पछुआ हवा ने बढ़ाई ठंड की मार
हालांकि गुरुवार की सुबह लोगों को कुछ समय के लिए धूप के दर्शन हुए, लेकिन 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज पछुआ हवा ने ठंड का एहसास और बढ़ा दिया। दिनभर शीतलहर चलने के कारण धूप भी लोगों को कोई खास राहत नहीं दे सकी। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और आम जनजीवन ठहर सा गया।
सबहेड:शहर के बाजारों में छाया सन्नाटा
आमतौर पर ग्राहकों से गुलजार रहने वाला शेखपुरा शहर का चांदनी चौक भी इस भीषण ठंड की चपेट में नजर आया। शाम करीब सात बजे ही बाजार में सन्नाटा पसर गया और दुकानदारों ने जल्द ही अपनी दुकानें बंद कर लीं। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
गरीब और असहायों पर सबसे ज्यादा असर
भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर गरीब और असहाय वर्ग पर देखने को मिल रहा है। सड़कों, चौक-चौराहों और बस स्टैंडों पर रहने वाले लोग अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अलाव और अन्य राहत व्यवस्था की मांग भी तेज होने लगी है।
सबहेड:प्रशासन ने दिए सख्त अनुपालन के निर्देश
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने अपने आदेश के शत-प्रतिशत अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस प्रशासन को भी सूचित किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, शेखपुरा में ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन का यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी और सराहनीय माना जा रहा है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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