नंदगांव के विश्व विख्यात लठामार होली को लेकर बरसाना नंदगांव में तैयारियां चरम पर हैं। राधा-कृष्ण की नगरी में गलियों से लेकर हुरियारों के अखाड़ों तक उत्सव का उल्लास साफ नजर आने लगा है। परंपरा के अनुसार नंदगांव के हुरियारे इन दिनों नई ढाल बनवाने और पुरानी ढालों को सजाने में जुटे हैं, ताकि बरसाना की हुरियारिनों के लट्ठों से खुद को बचा सकें। कारीगरों के यहां ढालों की मांग बढ़ गई है।
ढाल सजा रहे नंदबाबा मंदिर के सेवायत विष्णु गोस्वामी, कान्हा गोस्वामी, दान बिहारी गोस्वामी, पुनीत गोस्वामी, ओमी पंडा आदि हुरियारों ने बताया कि राजस्थान से ढालें मंगाई जा रही हैं। हुरियारे मजबूत लकड़ी और मोटे चमड़े से बनी ढालों को अंतिम रूप दे रहे हैं। ढालों को तेल पिलाकर रंग-बिरंगी अबरी और धार्मिक प्रतीक भी लगाए जा रहे हैं।
इस बार होली उत्सव में करीब 15 लाख श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना जताई जा रही है। ब्रज की लठामार होली देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी अलग पहचान रखती है। तमाम विदेशी भी होली का आनंद लेने और कवरेज करने के लिए आते हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल बरसाना और नंदगांव में करीब 12 से 13 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। इस बार संख्या बढ़ने का अनुमान है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों में भी होली को लेकर खासा उत्साह है। रंग-गुलाल, पिचकारी, पारंपरिक पोशाकों और पूजा सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है।
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