कुशीनगर जिले के गोस्वामी तुलसी इंटर कॉलेज में पंजीकरण आवेदन में अनियमितताओं के कारण इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा से इंटरमीडिएट के 700 निजी परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। मामले में प्रधान लिपिक के खिलाफ कुशीनगर जिले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पंजीकरण केंद्र के नोडल अधिकारी और प्रधान लिपिक फरार बताए जा रहे हैं। वहीं, गोपनीय जांच में संबंधित डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) कार्यालय की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद जांच के बाद दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
आरोप है कि वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 27 सितंबर 2025 निर्धारित थी, जबकि संबंधित 700 परीक्षार्थियों का पंजीकरण 30 दिसंबर 2025 को कराया गया। नियमानुसार प्रत्येक परीक्षार्थी का विवरण अलग-अलग प्रस्तुत कर व्यक्तिगत पंजीकरण किया जाना आवश्यक होता है, लेकिन एक साथ सामूहिक पंजीकरण किए जाने से अनियमितता के संकेत मिले।
प्रकरण की जांच के बाद क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर को भेजी गई रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, मामला प्रथम दृष्टया जालसाजी, नियमों के उल्लंघन तथा प्रशासनिक लापरवाही का संकेत बताया। इस प्रकरण ने बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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