पूर्णिया जिले में गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शहीद हवलदार अलमनाथ भुइयां का पार्थिव शरीर पूर्णिया पुलिस लाइन लाया गया। यहां राजकीय सम्मान के साथ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान आईजी विवेकानंद, एसपी स्वीटी सहरावत, एएसपी आलोक रंजन और लाइन डीएसपी समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
पुलिस महकमे और साथियों ने दी श्रद्धांजलि
गार्ड ऑफ ऑनर के मौके पर पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष नीतीश कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने शहीद जवान अलमनाथ को नमन किया और उनके कर्तव्यनिष्ठ जीवन को याद किया। श्रद्धांजलि सभा में माहौल गमगीन रहा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
श्रद्धांजलि के दौरान शहीद हवलदार की पत्नी और बेटियों का रो-रो कर बुरा हाल था। अलमनाथ भुइयां मूल रूप से झारखंड के चाईबासा के निवासी थे। उनकी चार बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है, जबकि दो अभी अविवाहित हैं। इस दुखद घटना को लेकर परिजनों ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
थाना परिसर में संदिग्ध हालात में हुई थी मौत
गौरतलब है कि पूर्णिया जिले के अमौर थाना परिसर में ड्यूटी के दौरान हवलदार अलमनाथ भुइयां की गोली लगने से मौत हो गई थी। उनका शव थाना परिसर के गार्ड क्वार्टर में खून से लथपथ अवस्था में मिला था। गले में गोली के आर-पार होने के निशान पाए गए थे। घटनास्थल से उनकी सरकारी कार्बाइन और एक खोखा भी बरामद किया गया।
जांच में जुटी पुलिस, कई पहलुओं पर नजर
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एफएसएल और डॉग स्क्वाड की टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह घटना हादसा थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। जांच प्रक्रिया अभी जारी है।
कर्तव्यनिष्ठ जवान को बताया अपूरणीय क्षति
एसपी स्वीटी सहरावत ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अलमनाथ भुइयां एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने हमेशा ईमानदारी और लगन से अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि उनका जाना पुलिस बल के लिए अपूरणीय क्षति है और परिजनों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
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