दलनी आमतौर पर पत्थर या मजबूत लकड़ी से बनाई जाती थी. कुछ जगहों पर यह पूरी तरह पत्थर की होती थी, तो कहीं लकड़ी और पत्थर दोनों का मिश्रण होता था. इसका आकार गोल या लंबा होता था. इसमें ऊपर की ओर एक जगह बनी होती थी, जहां दाल डाली जाती थी. फिर हाथ से उसे घुमाया जाता था या दबाव देकर रगड़ा जाता था, जिससे दाल धीरे-धीरे पिसती थी.
दलनी आमतौर पर पत्थर या मजबूत लकड़ी से बनाई जाती थी. कुछ जगहों पर यह पूरी तरह पत्थर की होती थी, तो कहीं लकड़ी और पत्थर दोनों का मिश्रण होता था. इसका आकार गोल या लंबा होता था. इसमें ऊपर की ओर एक जगह बनी होती थी, जहां दाल डाली जाती थी. फिर हाथ से उसे घुमाया जाता था या दबाव देकर रगड़ा जाता था, जिससे दाल धीरे-धीरे पिसती थी.
घर की महिलाओं के ऊपर थी जिम्मेदारी
यह काम बिल्कुल भी आसान नहीं था. इसमें ताकत भी लगती थी और समय भी. अक्सर घर की महिलाएं सुबह जल्दी उठकर अपने रोजमर्रा के कामों के साथ दाल पीसने का काम भी करती थीं. कई बार परिवार की दूसरी महिलाएं या बच्चे भी मदद कर देते थे. यह सिर्फ काम नहीं, बल्कि घर की दिनचर्या का हिस्सा होता था. दलनी से पिसी हुई दाल मशीन की तरह एकदम बारीक नहीं होती थी. वह हल्की दरदरी रहती थी. यही दरदरापन खाने में एक अलग ही स्वाद जोड़ देता था. जब उस दाल से पकवान बनते थे, तो उनकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती थी. बुजुर्ग आज भी कहते हैं कि हाथ से पिसी दाल में जो सोंधापन और स्वाद होता है, वह मशीन से पिसी दाल में नहीं मिलता.
पहाड़ों में आज भी संभाल कर रखा गया है दलनी
पहाड़ों में आज भी कई घरों में दलनी को संभालकर रखा जाता है. भले ही रोज़ इसका इस्तेमाल न हो, लेकिन खास मौकों या पारंपरिक व्यंजन बनाते समय लोग इसे निकाल लेते हैं. यह सिर्फ एक रसोई का साधन नहीं, बल्कि परंपरा, मेहनत और पुराने समय की सादगी की निशानी है. गांव की रहने वाली हरना देवी बताती हैं, “पहले हम रोज दलनी में ही दाल पीसते थे. सुबह का काम उसी से शुरू होता था. मेहनत जरूर लगती थी, हाथ भी दुख जाते थे, लेकिन खाना बहुत स्वादिष्ट बनता था. अब सब कुछ मशीन से होता है, काम जल्दी हो जाता है, पर पहले जैसा स्वाद अब कम ही मिलता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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