Pest Attack On Chana Crop: चना किसानों के लिए फली छेदक कीट बड़े नुकसान की वजह बन सकता है. अगर इसे समय पर नियंत्रित ना किया जाए तो किसानों को 25 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है. एक्सपर्ट ने बताया की 20 दिन के अंतराल पर ये दवाएं डालना फायदेमंद हो सकता है.
फली छेदक की समस्या
कृषि विज्ञान केंद्र चियांकी के वैज्ञानिक सस्य फसल विज्ञान उदय कुमार सिंह ने लोकल 18 को बताया कि वर्तमान समय में मौसम तेजी से बदल रहा है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे मौसम में चने की फसल पर फली छेदक कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है. यह हरे रंग का कीड़ा होता है, जो सीधे चने की फलियों में छेद कर अंदर से दाने को खा जाता है. शुरुआत में इसका असर कम दिखता है, लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह कीट पूरे खेत में फैलकर फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाता है.
किसानों को होने वाला नुकसान
फली छेदक कीट को चने की फसल का सबसे खतरनाक दुश्मन माना जाता है. उदय कुमार सिंह ने कहा कि यह कीट 20 से 25 प्रतिशत तक फसल को नुकसान पहुंचा सकता है और कई बार आधी से अधिक फसल भी नष्ट कर देता है. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. मेहनत, खाद, बीज और सिंचाई पर किया गया पूरा खर्च बेकार चला जाता है. उत्पादन घटने से बाजार पर भी असर पड़ता है और किसानों की आमदनी पर सीधा प्रभाव पड़ता है. इसलिए इस कीट पर समय रहते नियंत्रण बेहद जरूरी हो जाता है.
बचाव के उपाय और सलाह
उन्होंने बताया कि फली छेदक से बचाव के लिए किसान भाई जैविक और रासायनिक दोनों उपाय अपना सकते हैं. सबसे पहले नीम आधारित कीटनाशक का प्रयोग करें. बाजार में उपलब्ध नीम ऑयल या नीम बाम को 5 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर एक सप्ताह के अंतराल पर छिड़काव करने से अच्छा परिणाम मिलता है. अगर प्रकोप अधिक हो तो रासायनिक दवा इमिडाक्लोप्रिड 1 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर 20 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव किया जा सकता है. बेहतर परिणाम के लिए पहली बार नीम आधारित और दूसरी बार रासायनिक दवा का प्रयोग करने से लगभग 90 प्रतिशत तक कीट नियंत्रण संभव है.
बच जाएगी फसल
अगर किसान भाई ये उपाय समय पर कर लेते हैं और 20 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव कर लेते हैं, तो फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है. इससे किसान अपनी चने की फसल का सुरक्षित तरीके से संरक्षण कर सकते हैं. इसी स्टेज पर की गई जरा सी लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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