झारखंड में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि पिछले चार माह से जारी नहीं होने के कारण करीब 11 लाख लाभुकों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजना के तहत प्रत्येक लाभुक को प्रतिमाह 1000 रुपये मिलते हैं। समय पर भुगतान नहीं होने से बुजुर्गों और जरूरतमंदों को दवा, राशन तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान की राशि भी अटकी
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की राशि भी कई माह से लंबित बताई जा रही है, जिससे लाभार्थी महिलाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
भाजपा और झामुमो के बीच बहस
राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने देरी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि राज्य के हिस्से के लगभग 1.36 हजार करोड़ रुपये बकाया हैं तथा विकास मद में भी कटौती की जा रही है। दूसरी ओर, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा नेता दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर नहीं भेजे जाने के कारण केंद्र से राशि निर्गत नहीं हो सकी। उनका कहना है कि बिना लेखा-जोखा के केंद्र सरकार भुगतान नहीं कर सकती।
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मार्च में हो सकता है भुगतान
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने अक्टूबर तक की किस्त जारी कर दी थी। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने लगभग दो माह पूर्व उपयोगिता प्रमाण-पत्र भेजा, किंतु देरी के कारण अगली किस्त अटक गई। राज्य सरकार ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए 100 करोड़ रुपये का कॉरपस फंड बनाया था, जिसका उपयोग पहले ही किया जा चुका है। अब राज्य को केंद्र से राशि जारी होने की प्रतीक्षा है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च तक धनराशि प्राप्त होने पर बकाया पेंशन का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
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