Lohia Path Chakr Nehru Path: बिहार की राजधानी पटना के बेली रोड पर निर्मित लोहिया पथ चक्र आज एक अलग पहचान बन चुका है. इसका अत्याधुनिक और शानदार डिजाइन ऐसा है कि एक ही स्थान पर लगभग 8 से 10 प्रमुख सड़कें आकर मिलती हैं, इसके बावजूद यहां जाम की समस्या न के बराबर देखने को मिलती है. यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने वाला यह पथ चक्र अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है.
बिहार की राजधानी पटना के बेली रोड पर निर्मित लोहिया पथ चक्र आज पटना की एक अलग पहचान बन चुका है. इसका अत्याधुनिक और शानदार डिजाइन देशभर के इंजीनियरों को भाने लगा है. इसी अनोखे और प्रभावी मॉडल से प्रेरित होकर अब दूसरे राज्यों में भी लोहिया पथ चक्र की तर्ज पर पथ चक्र बनाए जाने की तैयारी की जा रही है.

लोहिया पथ चक्र का डिजाइन एनएचएआई के इंजीनियरों को खूब पसंद आया है. अब वो इस मॉडल को देशभर में लागू करने वाली है. सबसे पहले ओडिशा सरकार इस पुल और अंडर पास वाले डिजाइन को अपने यहां लागू करने वाली है. एनएचएआई के साथ ही ओडिशा सरकार की टीम ने पटना आकर लोहिया पथ चक्र की जानकारी ली है और कम जगह में बने इस डिजाइन को सराहा है.

इस पथ चक्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे करीब 10 किमी की सड़क ट्रैफिक सिग्नल से मुक्त हो गई है. सबसे व्यस्त सड़कों में से एक बेली रोड यानी नेहरू पथ अब पूरी तरह से जाममुक्त हो गई है. हड़ताली मोड़ से पटना के अलग-अलग इलाकों में जाने के लिए कनेक्टिविटी मिल गई है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इसकी एक और खासियत यह है कि नेहरू पथ पर हाई कोर्ट से पुलिस मुख्यालय की तरफ, बोरिंग रोड से नेहरू पथ, दारोगा राय पथ को बोरिंग रोड और नेहरू पथ, नेहरू पथ को बोरिंग रोड सहित आस पास से करीब आठ से दस सड़कें एक ही जगह आकर मिलती है, इसके बावजूद भी जाम की स्थिति नहीं बनती है.

इससे दारोगा राय पथ से हड़ताली मोड़ तक आने-जाने के लिए दो लेन है. इसे अंडरपास से जोड़ते हुए बेली रोड और बोरिंग रोड तक को कनेक्ट किया गया है. दारोगा राय पथ वाले हिस्से में तीन लेन को जोड़ने वाला अंडरपास बना है. यह बोरिंग रोड से आर ब्लॉक तक के हिस्से को आसानी से जोड़ता है.

इसके साथ ही बीपीएससी के सामने लोहिया पथचक्र के पहले चरण के पूरा होने से राजधानी के एक बड़े हिस्से की कनेक्टिविटी बेली रोड से कहीं अधिक मजबूत हो गई है. अब सर्कुलर रोड अंडरपास के माध्यम से एयरपोर्ट, मुख्यमंत्री आवास, राजभवन, सचिवालय समेत कई प्रमुख इलाकों से आने-जाने वाली गाड़ियां सीधे बेली रोड पर पहुंच रही हैं. पहले इन क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को बेली रोड पार करने के लिए यू-टर्न लेना पड़ता था.

यह पथ चक्र अब एक सेल्फी प्वाइंट भी बन गया है. इस चक्र के ऊपर से अटल पथ गुजर रही है. अटल पथ से हड़ताली मोड़ स्थित यह पथ चक्र का लुक बेहद शानदार दिखाई देता है. तिरंगे के रंग में लाइटों से इस पूरे क्षेत्र को सजाया गया है.

यहां से गुजरते वक्त अक्सर लोग सेल्फी लेने लग जाते हैं. हालांकि, यहां इतनी सड़कें आकर मिलती है कि गलती से लेन चेंज हुआ तो जाना बेली रोड है, तो पहुंच जायेंगे आर ब्लॉक. हर लेन में साईन बोर्ड लगाए गए हैं. गर्मियों के दिन में अंडरग्राउंड गोलंबर का तापमान बाहर से कम होता है.

लोहिया पथचक्र फेज-2 के अंतर्गत हड़ताली मोड़ पर करीब 5 मीटर की गहराई में अंडरग्राउंड गोलंबर बनाया गया है. दारोगा राय पथ स्थित विजिलेंस ऑफिस से हड़ताली मोड़ तक 350 मीटर लंबा पुल है. इसके अलावा, हड़ताली मोड़ से बोरिंग रोड में बुद्धा होटल तक 250 मीटर लंबा ब्रिज है. बोरिंग रोड के हिस्से में दो लेन का पुल और सर्विस रोड दो लेन का है. खूबसूरती और जाम मुक्त सफर का आनंद यहां मिलती है.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.