पटना में छात्र के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि इस केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और टीम लगातार काम कर रही है. पूरे मामले की निगरानी बिहार के डीजीपी खुद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और हर हाल में जेल भेजा जाएगा. सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि पुलिस को पूरी छूट दी गई है और सरकार हर कार्रवाई में पुलिस के साथ मजबूती से खड़ी है.
कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस की ओर से बताया गया है कि सुबह 11:45 बजे पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा. इस प्रदर्शन में कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम शामिल रहेंगे. कांग्रेस का आरोप है कि छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने शुरू से ही लापरवाही बरती और सच्चाई को दबाने की कोशिश की गई. पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर समय पर सही जांच होती तो आज यह नौबत नहीं आती.
SIT कर रही जांच
इधर, मामले की जांच कर रही SIT (विशेष जांच टीम) ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है. SIT की टीम ने डॉ. सहजानंद के क्लीनिक में घंटों तक पूछताछ की. इस दौरान मेडिकल स्टाफ से कई अहम सवाल पूछे गए. टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को जब क्लीनिक लाया गया था, तब स्थानीय थाना को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई. इसके अलावा, छात्रा को लेकर कितने लोग आए थे, वे कितनी देर तक क्लीनिक में रुके और उसे वहां भर्ती क्यों नहीं किया गया, जैसे सवालों के जवाब तलाशे गए.
दोबारा हो सकती है जांच
SIT ने यह भी पूछा कि छात्रा को प्रभात मेमोरियल अस्पताल ले जाने की सलाह किसने दी और इसके पीछे क्या वजह थी. जांच एजेंसी का मानना है कि इलाज से जुड़े हर फैसले की सही टाइमलाइन सामने आना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर SIT की टीम दोबारा भी डॉ. सहजानंद के क्लीनिक जाकर जांच कर सकती है. हालांकि, जांच को लेकर एक और सवाल खड़ा हो गया है. SIT के साथ चित्रगुप्त नगर थाना की SHO रोशनी कुमारी भी क्लीनिक पहुंची थीं, जबकि उन्हें आधिकारिक रूप से SIT में शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि SHO के वहां मौजूद रहने से जांच प्रभावित तो नहीं होगी.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि जहानाबाद की रहने वाली यह छात्रा पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी. वह अपने कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी और कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. पहले पुलिस ने इसे आत्महत्या से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने शुरू से ही दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बवाल
14 जनवरी को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हालात बदल गए. रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पटना की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. नीट अभ्यर्थियों ने इनकम टैक्स चौराहे पर मार्च निकालकर बिहार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने मामले में गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया है, लेकिन लोग अब भी निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं. इस बीच, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के भी मृतका के परिजनों से मिलने की संभावना है. कुल मिलाकर, यह मामला अब केवल एक जांच नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल बनता जा रहा है.
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