बिहार में बने उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी
मुख्य सचिवालय स्थित विभागीय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने कहा कि सूचना तकनीक से जुड़ाव के बाद गांव की प्रत्येक जीविका दीदी को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार मिल सकेगा. इससे न केवल बिहार में बने उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी, बल्कि उनकी पहुंच अन्य राज्यों और विदेशों तक भी संभव हो पाएगी.
स्थानीय स्तर पर ही सुविधा
बैठक में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) हिमांशु शर्मा सहित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, जल-जीवन-हरियाली मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) समेत अन्य योजनाओं से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे. प्रधान सचिव पंकज कुमार ने जीविका अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका दीदियों और किसानों द्वारा तैयार उत्पादों की पैकेजिंग और प्रोसेसिंग की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाए, ताकि उत्पादों का मूल्य बढ़ाया जा सके और उन्हें बेहतर बाजार मिल सके.
महिलाओं के रोजगार की समीक्षा
बैठक में जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. अब तक 1 करोड़ 56 लाख जीविका दीदियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए सहयोग राशि दी जा चुकी है. रोजगार की प्रगति की समीक्षा के बाद भविष्य में उन्हें अतिरिक्त दो लाख रुपये तक की सहायता देने की योजना है, जिससे उनके व्यवसाय को और विस्तार मिल सके. उन्होंने जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार योजनाओं और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत जानकारी भी दी.
इन मुद्दों पर हुई विस्तार से चर्चा
इसके अलावा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, मनरेगा, जल-जीवन-हरियाली मिशन से जुड़ी योजनाओं की राज्यस्तरीय प्रगति से प्रधान सचिव को अवगत कराया गया. बैठक में महिलाओं को डेयरी उद्योग से जोड़ने, पशुपालन को बढ़ावा देने, स्वरोजगार के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने, मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन, जल संरक्षण के लिए कुआं, पोखर और तालाबों का संरक्षण-संवर्धन, पौधरोपण, स्वच्छता कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और जीविका दीदियों को समूहों से जोड़ने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर
बैठक के अंत में प्रधान सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर स्थानीय बाजार, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग सुविधाएं विकसित करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जाए. इसके तहत प्रत्येक प्रखंड में कम से कम एक पैकेजिंग हाउस स्थापित करने की योजना पर काम करने का निर्देश भी दिया गया.

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