10.50 किलोमीटर रूट पर होगा सर्वे
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, 10.50 किलोमीटर लंबे इस रूट पर चयनित एजेंसी द्वारा ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) सर्वे कराया जाएगा. इस सर्वे के जरिए यह आकलन किया जाएगा कि टनल निर्माण से आसपास की इमारतों पर कोई जोखिम तो नहीं पड़ेगा. इसके बाद पाटलिपुत्र स्टेशन की ओर प्रस्तावित टनल क्षेत्र में भी भवनों की जांच की जाएगी.
मिट्टी की हो चुकी है जांच
इसके पहले अबतक मिट्टी की जांच का काम पूरा कर लिया गया है. इस दौरान हर एक किलोमीटर पर कुल 12 स्थानों से सॉयल टेस्ट किया गया. अब मार्च महीने तक भवनों की जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर जिन भवनों को जर्जर या संवेदनशील पाया जाएगा, वहां पहले सुरक्षा उपाय किए जाएंगे. इसके साथ-साथ भूमिगत यूटिलिटी जैसे पानी, बिजली और संचार लाइनों को शिफ्ट करने का काम भी किया जायेगा. सभी तैयारियां पूरी होने के बाद अप्रैल से टनल खुदाई का काम शुरू होगा.
इन प्रमुख भवनों की होगी जांच
टनल रूट के दायरे में आने वाले कई प्रमुख भवनों की जांच होना तय है. इनमें डाकबंगला चौराहे स्थित लोकनायक भवन, हरि निवास, कोतवाली थाना, तारामंडल, विद्युत भवन, पटना हाईकोर्ट, बिहार म्यूजियम, पटना वीमेंस कॉलेज, सचिवालय परिसर का विकास भवन, विश्वेश्वरैया भवन, टेक्नोलॉजी भवन और बेली रोड के दोनों ओर स्थित बड़े भवन शामिल हैं.
इस रूट में बनेंगे इतने स्टेशन
पटना जंक्शन से दानापुर के बीच कुल 10 स्टेशनों का निर्माण होगा. इसमें चार स्टेशन एलिवेटेड होंगे जबकि छह स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे. इसमें पटना जंक्शन, विद्युत भवन, विकास भवन, पटना जू, राजा बाजार, रुकनपुरा अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन जबकि पाटलिपुत्र, आरपीएस मोड़, सगुना मोड़ और दानापुर एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होगा. आपको बता दें कि पटना में पूरी मेट्रो परियोजना की कुल लंबाई 31.9 किलोमीटर है.
फिलहाल हर रोज 900 से 1000 लोग कर रहे हैं सवारी
फिलहाल पटना मेट्रो का परिचालन बाइपास क्षेत्र में भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच हो रहा है. इस सेक्शन में भूतनाथ, जीरोमाइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तीन स्टेशन चालू हैं. 6 अक्टूबर को शुरू हुई इस सेवा में शुरुआती दिनों में लगभग 10 हजार यात्री सफर कर रहे थे, लेकिन अब रोजाना यात्रियों की संख्या घटकर 900 से 1000 के बीच रह गई है. हालांकि, नए साल में मेट्रो नेटवर्क को और विस्तार मिलने वाला है. खेमनीचक और मलाही पकड़ी दो नए स्टेशनों से मेट्रो संचालन की तैयारी चल रही है. इन स्टेशनों को भूतनाथ स्टेशन से जोड़ने का काम तेजी से किया जा रहा है. इससे आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.