Bihar Tourism: सर्दी की छुट्टियों में अगर आप भी परिवार के संग घूमने का प्लान बना रहे हैं तो ये कुछ बेस्ट डेस्टिनेशन हैं. जहां पर आप साइबेरिया, अलास्का, रूस के पक्षी, डैम, पहाड़ियां, फॉल्स और बहुत कुछ हैं. ये बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं. जहां पर नया साल का जश्न यादगार बनेगा. साथ ही बिहार को फिर देखने और जानने का मौका मिलेगा.
Kanwar Lake: कांवर झील(बेगूसराय) 42 वर्ग किलोमीटर (6311 हेक्टेयर) के विशाल क्षेत्रफल में फैली हुई है. यहां डल झील (कश्मीर) की तरह बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है. झील के आसपास कई पिकनिक स्पॉट हैं और नव वर्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने आते हैं. सर्दियों के मौसम में कावर झील में साइबेरिया, अलास्का, रूस, मंगोलिया सहित कई देशों से प्रवासी पक्षी आते हैं. यहां लगभग 59 प्रजातियों के विदेशी पक्षी दिखाई देते हैं. जिनमें लालसर, दिधौंच, सरायर, कारण, डुमरी, अधंग्गी, बोदइन और कोइरा प्रमुख हैं. ये पक्षी दिसम्बर से आना शुरू करते हैं. लगभग मार्च तक झील में ठहरते हैं.

बांका जिले में स्थित ओढ़नी डैम आजकल युवाओं और फैमिली दोनों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन चुका है. यहां सस्ते में “गोवा वाली फीलिंग” मिलती है. क्योंकि वाटर स्कूटर, जेट स्की और बोट राइड की व्यवस्था मौजूद है. न्यू मैरिड कपल के लिए यह प्री‑वेडिंग शूट और कपल फोटोग्राफी का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. डैम के चारों तरफ फैली पहाड़ियां, महादेव‑पार्वती का मंदिर और चारों ओर हरियाली इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है. वाटर बोट के लिए लगभग 300 रुपये फुल राइड और 100 रुपये हाफ राइड, जबकि जेट स्की के लिए 500 रुपये फुल और 300 रुपये हाफ राइड तक का चार्ज लिया जाता है.(लोकल सेटअप/इवेंट के हिसाब से रेट बदल सकते हैं).

<br />कैमूर की पहाड़ियों को बिहार का स्वर्ग कहा जाता है. क्योंकि यहां चारों ओर हरियाली, घाटियां और घुमावदार सड़कें एक साथ दिखती हैं. जहां तक नजर जाती है, वहां तक बस पेड़, जंगल, झरने की गूंज और चट्टानों की शांति महसूस होती है. जो आपको किसी हिल‑स्टेशन जैसा अनुभव देती है. जो लोग लेह‑लद्दाख जैसे ट्रिप के लिए पहाड़ी नेचर सीन ढूंढते हैं. वे कैमूर में भी वैसा ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं. यहां मिलने वाले पौराणिक मंदिरों और अवशेषों में अति प्राचीन मां मुंडेश्वरी (मुंडेस्वरी) देवी मंदिर जैसे स्थल इसकी आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत बनाते हैं.
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Nawada Kakolat Falls: बिहार का कश्मीर कहलाने वाला नवादा का ककोलत जलप्रपात सैलानियों के लिए खुल गया है. 43 दिन बाद यह पर्यटन स्थल नई खूबसूरती और फ्रेशनेस के साथ आपका इंतजार कर रहा है. वादियों की ठंडी हवा और झरनों की फुहार का आनंद लेने यहां आया जा सकता है.ककोलत फॉल्स सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा. हर मंगलवार मेंटेनेंस के लिए बंद रहेगा. टिकट दर सामान्य दिनों में 10 रुपये और सप्ताहांत पर 20 रुपये प्रति व्यक्ति तय की गई है .

<br />राजधानी पटना से लगभग 100-120 किलोमीटर दूर राजगीर बिहार का सबसे लोकप्रिय टूरिस्ट स्पॉट माना जाता है. जहां देसी ही नहीं, विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. यहां की पहाड़ियों, गर्म जलकुंड, रोपवे और विश्व शांति स्तूप तक जाने वाले दृश्य इतने आकर्षक हैं कि हर आयु वर्ग के लोगों को पसंद आते हैं. रोपवे की मदद से रत्नागिरि की पहाड़ियों पर चढ़कर आप चारों ओर फैली ऊंची-ऊंची पहाड़ियों और घाटियों का विहंगम दृश्य देख सकते हैं. बेहतरीन तस्वीरें कैप्चर कर सकते हैं. राजगीर से पास ही घोड़ा कटोरा लेक और नया ग्लास ब्रिज भी है, जो इन दिनों पर्यटन का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं. जहां बोटिंग और एडवेंचर फोटोशूट का अलग ही मजा है.

Vanavar Caves: बिहार के ऐतिहासिक खजाने में यदि किसी स्थान को शान के रूप में देखा जाए तो उसमें जहानाबाद जिले की बराबर पहाड़ी और वहां स्थित गुफाएं सबसे आगे आती हैं. यह न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में अद्भुत शिल्प कला के लिए प्रसिद्ध हैं. बराबर की पहाड़ी सिर्फ गुफाओं तक सीमित नहीं है. इसके शिखर पर भगवान शिव का मंदिर भी स्थित है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के मेल से यह स्थान और भी खास बन जाता है.
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