पटियाला जिले में रेप केस में फरार चल रहे आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा अब ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए हैं। उन्होंने पटियाला कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई को रद्द करवाने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। उनके वकील की ओर से इस संबंध में याचिका दायर की गई है। विधायक ने एडवोकेट निखिल घई के माध्यम से याचिका दाखिल की है। याचिका में 5 सितंबर और 11 सितंबर 2025 को जारी गिरफ्तारी वारंट तथा 16 अक्टूबर और 20 दिसंबर 2025 को पारित घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) के आदेशों को चुनौती दी गई है। याचिका में दी है यह दलील इससे पहले पटियाला कोर्ट ने पठानमाजरा को तलब किया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे। याचिका में विधायक ने तर्क दिया है कि पुलिस को उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लेने की आवश्यकता ही नहीं थी, क्योंकि गंभीर अपराधों में कानून पुलिस को बिना वारंट, यहां तक कि राज्य से बाहर जाकर भी गिरफ्तारी का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी वारंट जांच में अनुचित सहायता करते हैं और यह प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घोषित अपराधी की कार्रवाई गैरकानूनी है, क्योंकि उस समय उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं निचली अदालतों में लंबित थीं।
पीड़िता से की थी शादी याचिका में विधायक ने स्वयं बताया है कि वह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के ऐनट्री इलाके में हैं और एक रिश्तेदार के घर रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले रहे हैं और जानबूझकर छिपे नहीं हैं। विधायक ने यह भी बताया कि वर्ष 2021 में उनकी दूसरी शादी, पहली पत्नी और उसके परिवार की सहमति से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज शिकायत झूठी है और यह पैसे व संपत्ति से जुड़ी निजी मांगों के साथ-साथ राजनीतिक विरोधियों के प्रभाव में दर्ज कराई गई है। 2 पॉइंट्स में जानिए पूरा मामला…
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