पठानकोट में लगातार बढ़ते जा रहे डॉग बाइट के मामले। (फाइल)
पठानकोट में आवारा कुत्तों का आतंक एक गंभीर समस्या बन गया है, जहां हाल के महीनों में डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) के मामलों में भारी बढ़ोत्तरी देखी गई है। सोमवार की बात की जाए तो 20 लोग सिविल अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए। यह केवल एक दिन की
सिविल अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचा युवक।
मार्च 15 तक 2500 केस आए सामने जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2025 से अब तक सिविल अस्पताल में डॉग बाइट के 2500 केस आ चुके हैं। इसमें अप्रैल 2025 में 236, मई में 210, जून में 370, जुलाई में 390, अगस्त में 200, सितंबर में 166, अक्टूबर में 191, नवंबर में 181, दिसंबर में 194 और जनवरी 2026 में 183 केस सामने आए हैं। जबकि, मार्च में 15 दिनों के भीतर 150 केस सामने आए हैं। डॉक्टर हिमांशू के मुताबिक कुत्ते के काटने पर सिविल अस्पताल में रोजाना 20 से 25 लोग रैबिज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे है।

सिविल अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचा युवक।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी नहीं मानता निगम बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने निकायों को एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियम लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जबकि सिटी में एबीसी प्रोग्राम लागू करने में निगम नाकाम है। शहर में 1507 कुत्तों की स्टारलाइजेशन की जानी है, जबकि पुराने टैंडर में 2611 की स्टरलाइजेशन होनी थी, लिहाजा टैंडर की अमाउंट पुरानी रहने दी गई है और स्टरलाइजेशन के केसों की संख्या 1108 घटा दी गई है। नए रेट की फाइल की अप्रूवल निगम में लटकी हुई है। निगम के एसडीओ पंकज हंस ने बताया कि कुत्तों की स्टरलाइजेशन का वर्क आर्डर हमने दे दिया है कंपनी विजिट कर गई है कुछ रिक्वायरमेंट बताया है जिसे पूरा किया जा रहा है।

पठानकोट में लगातार बढ़ते जा रहे डॉग बाइट के मामले।
क्या है सुप्रीम कोर्ट के आदेश पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट के जस्टिस विनोट एस भारद्वाज ने डॉग बाइट के मामलों में मुआवजे को लेकर अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने कहा है कि कुत्ते के काटने से पीड़ित व्यक्ति को प्रति दांत के निशान पर कम से कम 10 हजार रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कुत्ते के हमले में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो मुआवजे की राशि पीड़ित के सबसे नजदीकी परिजन को दी जाएगी। यह भी है नियम अदालत के अनुसार अगर कुत्ते के काटने से शरीर का मांस बाहर लटक आया हो या गंभीर घाव हो गया हो, तो हर 2 मिलीमीटर घाव के लिए कम से कम 20 हजार रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि डॉग बाइट पीड़ितों को समय पर मुआवजा देने के लिए जिलों में कमेटियां बनाकर मामलों का निपटारा किया जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके।
कुत्ते के काटने के तुरंत बाद क्या करें घाव को तुरंत धोएं, काटे हुए स्थान को 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएं। इससे वायरस और गंदगी काफी हद तक हट जाती है। एंटीसेप्टिक लगाएं घाव साफ करने के बाद पॉविडोन आयोडीन या अन्य एंटीसेप्टिक लगा सकते हैं। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टर आपको एंटी-रेबीज वैक्सीन और जरूरत होने पर इम्युनोग्लोबुलिन लगा सकते हैं। ये टीके समय पर लगवाना बहुत जरूरी है। घाव को टांके खुद से न लगवाएं कई मामलों में डॉक्टर तुरंत टांके नहीं लगाते, क्योंकि संक्रमण का खतरा होता है। कुत्ते पर नजर रखें। अगर संभव हो तो उस कुत्ते पर 10 दिन तक नजर रखें। अगर कुत्ता बीमार पड़ता है या मर जाता है तो डॉक्टर को जरूर बताएं। नगर निगम या स्थानीय प्रशासन को सूचना देना भी जरूरी होता है। अगर काटना गहरा है, खून ज्यादा बह रहा है या चेहरा/गर्दन पर है, तो तुरंत अस्पताल जाएं।
यह भी जरूर पढ़ें डॉक्टर कुत्ते के काटने के मामलों को आमतौर पर 3 कैटेगरी में बांटते हैं, ताकि सही इलाज तय किया जा सके। इसका संबंध Rabies के खतरे से होता है। कैटेगरी 1 (कम खतरा) कुत्ते को छूना या खाना खिलाना, कुत्ते का सिर्फ चाटना और त्वचा पर कोई घाव नहीं। क्या करना चाहिए आमतौर पर वैक्सीन की जरूरत नहीं होती, लेकिन त्वचा को साबुन और पानी से धोना चाहिए। कैटेगरी 2 (मध्यम खतरा) हल्की खरोंच या नाखून से स्क्रैच, त्वचा पर हल्का कट या खरोंच, लेकिन खून ज्यादा नहीं। क्या करना चाहिए घाव को अच्छी तरह धोएं, डॉक्टर से एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं। कैटेगरी 3 (सबसे ज्यादा खतरा) कुत्ते के गहरे काटने के घाव, खून निकलना, चेहरा, गर्दन, हाथ या उंगली पर काटना, कुत्ते का खुले घाव पर चाटना क्या करना चाहिए घाव को तुरंत 15 मिनट तक धोएं, एंटी-रेबीज वैक्सीन और रैबीज इम्युनोग्लोबुलिन लगवाना जरूरी होता है। महत्वपूर्ण बात रैबीज एक बार हो जाए तो इसका इलाज लगभग संभव नहीं होता, इसलिए कुत्ते के काटने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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