हरियाणा के पंचकूला में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने धान घोटाले की जांच को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व गुरनाम सिंह चढूनी ने किया। चढूनी ने कहा कि प्रदेश में बड़ा धाना घोटाला हुआ है, जिसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। प्रदर्शन करते हुए किसान जब लघु सचिवालय पहुंचे तो उन्हें बेरिकेड लगाकर रोका गया। किसान नेताओं को बताया गया कि एडीसी ज्ञापन लेने के लिए आ रही हैं। ज्ञापन लेने के लिए समय लगा तो किसान नेताओं ने माइक से कहा कि यहां पर ही दरी बिछवा कर मानोगे। जिसके बाद एडीसी निशा यादव ज्ञापन लेने के लिए पहुंची और किसान नेताओं को बताया गया कि मीटिंग की वजह से लेट हुई हैं।
ऐसे हुआ प्रदेश में घोटाला चढूनी ने बताया कि प्रदेश में 28 लाख 80 हजार एकड़ जमीन किसानों ने गैर बासमती का पोर्टल पर दर्ज करवाया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे 30 लाख बनाकर वेरिफाई कर दिया। यह करीब सवा लाख भूमि को अधिक बनाकर बड़ा आपराधिक कृत्य किया है। उन्होंने बताया कि, भिवानी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और नूंह में 64 हजार एकड़ में धान का रकबा दिखाया गया, जबकि वहां पर एक भी दाना धान की खरीद नहीं हुई। यह विभाग का बड़ा घोटाला है, इसकी जांच होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पंचकूला में लगने वाली फल-सब्जी मंडी में किसानों की सीधी एंट्री करवाने की मांग भी रखी।
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