पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सोनू चौधरी गणतंत्र दिवस के दिन बनाई गई एक रील को लेकर विवादों में घिर गए हैं. थाना परिसर में वर्दी पहनकर पत्नी के साथ रील बनाना अब उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर गया है. सोशल मीडिया पर रील वायरल होते ही मामला तूल पकड़ने लगा, जिसके बाद पुलिस महकमे ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए हुसैनाबाद के एसडीपीओ मोहम्मद याकूब (आईपीएस) ने लोकल 18 को बताया कि उनके नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गई है. जांच में यह देखा जाएगा कि थाना परिसर और वर्दी का उपयोग कर रील बनाना नियमों के खिलाफ है या नहीं. जांच रिपोर्ट आने के बाद इंस्पेक्टर सोनू चौधरी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
एसपी ने की पुष्टि
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि थाना प्रभारी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है. यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस विभाग की गरिमा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
सेवा इतिहास पर भी नजर
इंस्पेक्टर सोनू चौधरी 2012 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं और साल 2024 में प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बने हैं. वर्तमान में वे हुसैनाबाद थाना प्रभारी के पद पर तैनात हैं. इससे पहले वे पलामू के चैनपुर थाना के प्रभारी भी रह चुके हैं. हुसैनाबाद क्षेत्र बिहार सीमा से सटा हुआ सोन नदी के किनारे स्थित है और नक्सल व अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर पहले से संवेदनशील माना जाता रहा है.
सोशल मीडिया बनाम जिम्मेदारी
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया के दौर में वर्दीधारी अधिकारियों की जिम्मेदारी और आचरण की सीमाएं कहां तक है. थाने जैसे संवेदनशील स्थान पर वर्दी में रील बनाना क्या उचित है, इस पर अब विभागीय जांच ही अंतिम फैसला करेगी. फिलहाल, एक रील ने थानेदार को कटघरे में खड़ा कर दिया.
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