पलामू जिले के सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव विशाल बताते हैं कि सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से शरीर की नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है. यह स्थिति नवजात शिशुओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती.
पलामू जिले के सदर अस्पताल में पदस्थापित शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव विशाल बताते हैं कि सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से शरीर की नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है. यह स्थिति नवजात शिशुओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती. उन्होंने बताया कि सर्दियों में नवजातों को सबसे अधिक खतरा निमोनिया का रहता है, इसलिए मां को बच्चे की हर गतिविधि पर सतर्क नजर रखना आवश्यक है.
डॉ. गौरव विशाल के अनुसार, ठंड के मौसम में नवजात की सुरक्षा के लिए कंगारू मदर केयर सबसे प्रभावी और प्राकृतिक तरीका है. कंगारू मदर केयर का अर्थ है नवजात को मां की छाती से त्वचा से त्वचा सटाकर रखना. जिस तरह कंगारू अपने बच्चे को अपनी चमड़ी से लगाकर सुरक्षित रखता है, उसी तरह मां का शरीर भी नवजात को प्राकृतिक गर्माहट प्रदान करता है. इससे बच्चे का शरीर तापमान संतुलित रहता है और उसे ठंड लगने की संभावना कम हो जाती है. इस प्रक्रिया से बच्चे को अलग से धूप में ले जाने की आवश्यकता भी कम पड़ती है.
उन्होंने बताया कि नवजात को समय-समय पर मां का दूध पिलाना अत्यंत जरूरी है. यदि बच्चा कमजोर है, तो रात में हर दो घंटे पर स्तनपान कराना चाहिए. पहले छह महीनों तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए. मां के दूध में मौजूद पोषक तत्व और एंटीबॉडी नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे वह संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाता है.
इस दौरान मां को भी अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें और ठंडे, बासी व अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों से परहेज करें, क्योंकि मां के स्वास्थ्य का सीधा असर बच्चे के दूध और उसकी सेहत पर पड़ता है. छह महीने के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ ऊपरी आहार देना शुरू किया जा सकता है.
डॉ. गौरव विशाल ने आम गलतियों से बचने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि कई बार माताएं मां के दूध की जगह पाउडर दूध या गाय का दूध देना शुरू कर देती हैं, जो नवजात के लिए नुकसानदायक हो सकता है. मां का दूध किसी भी अन्य दूध का विकल्प नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्दियों में नवजात केवल कपड़ों से नहीं, बल्कि मां की त्वचा से मिलने वाली प्राकृतिक गर्माहट से अधिक सुरक्षित रहता है. इसलिए जरूरत से ज्यादा कपड़े पहनाने के बजाय रोजाना कुछ समय कंगारू मदर केयर अपनाना नवजात की सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर और सुरक्षित उपाय है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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