पलामू के सगालिम गांव में किसान परमेंद्र कुमार ने पारंपरिक गन्ने की खेती छोड़ पहली बार 2.5 एकड़ में स्ट्रॉबेरी की ऑर्गेनिक खेती की है. इसमें करीब 4 लाख रुपये की लागत आई है. रोजाना 30-35 किलो उत्पादन हो रहा है, जो झारखंड, बिहार और कोलकाता के बाजारों में ₹300 प्रति किलो बिक रहा है.
पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती
परमेंद्र कुमार को स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए उद्यान विभाग से जुड़े विवेक कुमार ने प्रेरित किया और मार्गदर्शन दिया. साथ ही रंजन दुबे ने भी उन्हें इस नई पहल के लिए प्रोत्साहित किया. परमेंद्र कुमार बताते हैं कि यह उनके लिए पूरी तरह नया अनुभव था. शुरुआत में डर भी था, क्योंकि इससे पहले उन्होंने कभी इस तरह की आधुनिक फसल नहीं उगाई थी. लेकिन उद्यान विभाग के सहयोग और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और खेती शुरू की.
2.5 एकड़ में खेती, 4 लाख लागत
फिलहाल परमेंद्र कुमार ने 2.5 एकड़ भूमि में स्ट्रॉबेरी की खेती की है. इस पर लगभग 4 लाख रुपये की लागत आई है. पौधे उद्यान विभाग के माध्यम से महाराष्ट्र के नासिक से मंगाए गए, जिन्हें वैज्ञानिक तरीके से लगाया गया. यह खेती पूरी तरह ऑर्गेनिक पद्धति से की जा रही है, जिसमें रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया जाता.
रोजाना 30-35 किलो उत्पादन
स्ट्रॉबेरी की खेती से परमेंद्र कुमार को रोजाना 30 से 35 किलो फल का उत्पादन हो रहा है. बाजार में इसकी कीमत 300 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री कर रहे है. उत्पादित स्ट्रॉबेरी को झारखंड, बिहार और कोलकाता तक भेजा जा रहा है. इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है और लागत निकलने के साथ-साथ मुनाफा भी मिलने की उम्मीद है.
परमेंद्र कुमार बताते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती फार्मिंग मुर्गा की तरह है, जिसमें मेहनत अधिक लगती है और नियमित देखभाल जरूरी होती है. बावजूद इसके यह खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभकारी साबित हो रही है.
अन्य किसानों के लिए प्रेरणा
पांकी प्रखंड में पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती कर परमेंद्र कुमार ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी योजनाओं का लाभ और मेहनत से किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं. उनकी यह सफलता कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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