पलामू उपायुक्त के निर्देश पर 8 अगस्त को आयोजित समिति बैठक में छात्रों की सुविधा बढ़ाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए थे. इन्हीं निर्णयों के तहत अब जिला पुस्तकालय में नया इनवर्टर लगाया गया है, जिससे बिजली कटौती के दौरान भी छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी. इसके साथ ही 50 नई कुर्सियां और टेबल उपलब्ध कराई गई हैं तथा अध्ययन कक्ष में रोशनी की व्यवस्था को भी बेहतर किया गया है.
पहले से मौजूद हैं आधुनिक सुविधाएं
जिला पुस्तकालय में पहले से ही छात्रों के लिए वाई-फाई सुविधा उपलब्ध है. प्रशासन द्वारा चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं को और बेहतर किया जा रहा है, ताकि छात्रों को एक अनुकूल अध्ययन वातावरण मिल सके. वहीं 24 घंटे बिजली के लिए 30 केविए का सोलर पैनल बैठाने का भी प्रयास जारी है.
करीब 30 हजार पुस्तकों का विशाल संग्रह
पुस्तकालय अध्यक्ष मंजित कुमार ने बताया कि जिला पुस्तकालय पलामू में वर्तमान में 29,647 पुस्तकें उपलब्ध हैं. इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं, शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, सामान्य ज्ञान, साहित्य और संदर्भ पुस्तकों का समृद्ध संग्रह शामिल है. रोजाना 100 से 120 छात्र पुस्तकालय में आकर अध्ययन करते हैं.
डिजिटल प्रणाली से हो रहा संचालन
पुस्तकालय के सभी रिकॉर्ड और कार्यों का संचालन ई-ग्रंथालय 4.0 (Library Public Software) के माध्यम से किया जा रहा है. इस डिजिटल व्यवस्था की समीक्षा पलामू उपायुक्त द्वारा हर महीने ई-गवर्नेंस की बैठक में की जाती है, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता बनी रहती है.
मॉडल लाइब्रेरी बनाने की दिशा में पहल
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में जिला पुस्तकालय पलामू को मॉडल लाइब्रेरी बनाने की योजना हेतु भारत सरकार द्वारा चयन किया गया था. इसके लिए भारत सरकार द्वारा लगभग 87 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई थी. वर्तमान में पलामू के उप विकास आयुक्त के प्रयास से यह राशि शीघ्र उपलब्ध होने की संभावना है. जिसके बाद पुस्तकालय को मॉडल लाइब्रेरी बनाने को लेकर काम शुरू होगा.
नई सामग्री से बढ़ी सुविधाएं
हाल ही में पुस्तकालय में 50 कुर्सियां, बारकोड प्रिंटर, 5 केवीए का इनवर्टर, 4 बैटरी, वॉटर कूलर, ऑफिस चेयर, ऑफिस टेबल और मैगजीन स्टैंड उपलब्ध कराए गए हैं. छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला पुस्तकालय सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है. प्रशासन की इस पहल से छात्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. जिला पुस्तकालय पलामू अब सिर्फ किताबों का केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त एक ज्ञान केंद्र के रूप में उभर रहा है.