पाकुड़ जिला मुख्यालय के कोयला मोड़, शहरकोल के पास सोमवार को 16 प्रहर व्यापी श्री श्री राधा कृष्ण लीला संकीर्तन के आयोजन की शुरुआत हुई। इस अवसर पर एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्री श्री राधा कृष्ण लीला संकीर्तन समिति द्वारा आयोजित इस कलश यात्रा में भक्त कोयलामोड़ से होते हुए शहरकोल दुर्गा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद यात्रा राजा पोखर पहुंची, जहां महिलाओं ने कलश में जल भरा। यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः संकीर्तन स्थल शहरकोल में समाप्त हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारे लगाए और कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। कुछ लोग नए परिधान पहनकर दंडवत करते भी देखे गए। समिति के सदस्यों ने बताया कि मुख्य लीला कीर्तन का आयोजन 18 मार्च से 20 मार्च तक किया जाएगा। कोलकाता के कीर्तन मंडल के सदस्य जयश्री मंडल और अरिजीत पुरकईत की अगुवाई में यह कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा। 20 मार्च को धुलोट महोत्सव का आयोजन होगा, जिसके बाद लोगों के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। लीला कीर्तन के दौरान शहरग्राम के कृष्ण भगत, गोड्डा के सुरेश यादव, हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के आशीष कृष्ण दास, जाफराबाद (पश्चिम बंगाल) की कीर्तनिया बसंती सरकार, गोपालपुर पाकुड़ के वैष्णव प्रसाद दास और नरसुंदर दास, तथा बाबा नगरी देवघर के कीर्तनीय लक्खीकन्नतो दास भी अपनी प्रस्तुति देंगे। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस स्थान पर वर्षों से लीला कीर्तन का आयोजन होता आया है और इस वर्ष भी सभी ग्राम वासियों के सहयोग से यह परंपरा जारी है। इस आयोजन में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
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