तराना के बगौदा रोड स्थित विद्युत मंडल के ग्रिड पर मंगलवार दोपहर मेंटेनेंस कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां कार्य कर रहा एक आउटसोर्स कर्मचारी अचानक बिजली के हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। हादसे के तुरंत बाद ग्रिड पर हड़कंप मच गया और घायल कर्मचारी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, करंट से झुलसा कर्मचारी अर्जुन सेनानिया निवासी जवासिया है। अर्जुन विद्युत वितरण कंपनी के अधीन आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। मंगलवार को वह ग्रिड पर मेंटेनेंस का कार्य कर रहा था, तभी अचानक उसे बिजली का जोरदार झटका लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तराना अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे तुरंत उज्जैन रेफर कर दिया है।
सुरक्षा मानकों और परमिट पर उठे सवाल
इस दुखद घटना के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामान्य तौर पर मेंटेनेंस कार्य के दौरान विभाग द्वारा ‘परमिट’ लिया जाता है और संबंधित लाइन की बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद की जाती है। ऐसे में चर्चा का विषय यह है कि जब मेंटेनेंस चल रहा था, तो अचानक बिजली सप्लाई कैसे शुरू हो गई? क्या परमिट लेने में लापरवाही बरती गई या फिर बिना लाइन बंद किए ही कर्मचारी को पोल पर चढ़ा दिया गया?
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जांच की उठ रही मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों में रोष है। मांग की जा रही है कि संबंधित अधिकारियों और बिजली कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है और किसकी चूक के कारण अर्जुन की जान जोखिम में पड़ी, यह जांच का मुख्य बिंदु होना चाहिए। फिलहाल घायल कर्मचारी का उपचार जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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