चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने कैंसर मरीज के बीमा क्लेम के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को सेक्टर-43 निवासी विद्या भूषण शर्मा को 27.99 लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आयोग ने कंपनी पर 20 हजार रुपये हर्जाना भी लगाया है।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अक्तूबर 2021 में नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। उन्होंने वर्ष 2008 में हुई एंजियोप्लास्टी की जानकारी प्रस्ताव पत्र में स्पष्ट रूप से दी थी। जनवरी 2022 में सीने में दर्द की शिकायत के बाद जांच कराई गई जिसमें स्टेज-4 मेटास्टेटिक लंग कैंसर की पुष्टि हुई। इलाज के बाद उन्होंने बीमा कंपनी से क्लेम किया लेकिन कंपनी ने इसे पूर्व-विद्यमान बीमारी बताते हुए दावा खारिज कर दिया। बीमा कंपनी ने आयोग के समक्ष दलील दी कि शिकायतकर्ता दो वर्ष से कैंसर से पीड़ित थे और उन्होंने तथ्यों को छिपाया। हालांकि, आयोग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि किसी बीमारी को पूर्व-विद्यमान साबित करने के लिए पॉलिसी प्रारंभ होने से 48 महीने पहले के ठोस और प्रमाणिक मेडिकल रिकॉर्ड प्रस्तुत करना आवश्यक है, जो कंपनी उपलब्ध नहीं करा सकी। आयोग ने माना कि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में क्लेम खारिज करना सेवा में कमी की श्रेणी में आता है।
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