खंडवा-इच्छापुर सड़क मार्ग स्थित नावघाटखेड़ी नर्मदा तट पर मां नर्मदा के जन्म प्रकटोत्सव का सात दिवसीय आयोजन श्रद्धा और भव्यता के साथ प्रारंभ हो गया है। मां मेकल सेवा संस्था द्वारा आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन नर्मदा नदी के बढ़े जलस्तर के बीच 108 दीपों से मां नर्मदा की संगीतमय महाआरती संपन्न हुई। सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से नर्मदा तट आस्था के महाकुंभ में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य पंडित गिरजा शंकर अत्रे के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जैसे ही दीपों की श्रृंखला प्रज्ज्वलित हुई, संपूर्ण घाट मां नर्मदा के जयघोष से गूंज उठा। प्रवाहित नर्मदा, मंत्रोच्चार और दीपों की आभा के बीच उपस्थित श्रद्धालुओं ने अलौकिक अनुभूति का साक्षात्कार किया। महाआरती के पश्चात प्रसिद्ध भजन गायक दिव्यांश पंड्या ने नर्मदाष्टक एवं भक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद देर रात्रि तक भजन संध्या का आयोजन चलता रहा।
इस दौरान ओंकारेश्वर बांध से छोड़े गए पानी के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ रहा। नदी का पानी आयोजन स्थल पर बनाए गए मंच के मध्य तक पहुंच गया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम से पूर्व प्रशासन से जलस्तर सामान्य बनाए रखने का अनुरोध किया था, लेकिन सोमवार को जलस्तर सबसे अधिक रहा, जिससे आयोजकों और श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ी।
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर एसडीओपी श्रीमती अर्चना रावत एवं थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर पुलिस बल के साथ उपस्थित रहे। बड़वाह थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर ने बताया कि सप्त दिवसीय नर्मदा जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए खंडवा–इंदौर–इच्छापुर सड़क मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर 25 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि जाम की स्थिति न बने।
आयोजकों ने बताया कि मां नर्मदा जयंती महोत्सव का मुख्य आयोजन 25 जनवरी को भव्य रूप से मनाया जाएगा। इसी क्रम में सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों की विधिवत शुरुआत की गई है। आयोजन के तहत प्रतिदिन सुबह 11 बजे कन्या पूजन एवं कन्या भोज, जबकि दोपहर 3 बजे से वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा सहस्त्रार्चन एवं हवन-पूजन कराया जा रहा है।
23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगी। वहीं मुख्य दिवस 25 जनवरी को दोपहर 12 बजे हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में 108 दीपों से मां नर्मदा की महाआरती होगी। इस अवसर पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा, विशाल भंडारा प्रसादी एवं अन्य धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे।
आयोजन को लेकर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के नावघाटखेड़ी सहित आसपास के नर्मदा घाटों पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। शास्त्रों के अनुसार माघ मास की सप्तमी तिथि को मां नर्मदा का प्रकटोत्सव हुआ था। मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा का यह पावन पर्व हर वर्ष श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ विशेष रूप से मनाया जाता है। नावघाटखेड़ी का यह सात दिवसीय आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त कर रहा है।
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