मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को मुंबई में कहा कि हम सिनेमा का कश्मीर के साथ रिश्ता फिर से बना रहे हैं। सीएम ने नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज कैंपस का दौरा किया। उन्होंने कहा, एक समय था जब कश्मीर में कम से कम एक गाने की शूटिंग के बिना कोई फिल्म पूरी नहीं मानी जाती थी। वर्षों से हालात बदले और जम्मू-कश्मीर में फिल्म बनाना मुश्किल हो गया।
आज, जैसे-जैसे हालात सुधर रहे हैं, हम जानबूझकर सिनेमा और जम्मू-कश्मीर के बीच रिश्ते को फिर से बनाने पर काम कर रहे हैं। फिल्म मेकिंग भी बदल गई है। जो काम पहले बड़े फिजिकल सेटअप से होता था वह अब कंप्यूटर, पोस्ट-प्रोडक्शन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से किया जा सकता है। अगर हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर एक बार फिर फिल्म मेकिंग के लिए एक आकर्षक जगह बने तो हमें लोकल टैलेंट और पोस्ट-प्रोडक्शन की क्षमता बनानी होगी। यह जरूरी है कि हमारी कहानियां हमारे ही लोग सुनाएं।
बदलाव के लिए वोट डालना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलाव लाने के लिए वोट डालें। उन्होंने कहा, बदलाव सिर्फ वही लोग ला सकते हैं जो इसमें हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं और हिस्सा लेने का मतलब यह नहीं है कि सभी उम्मीदवार बन जाएं। आरएसएस प्रमुख की स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मतदान जरूरी पर की गई टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से महाराष्ट्र तक सबकी अपनी-अपनी समस्याएं हैं। इस बार महाराष्ट्र में न कोई दोस्त न कोई दुश्मन। उन्होंने कहा, कहीं कांग्रेस और भाजपा ने हाथ मिलाया तो कहीं भाजपा और एआईएमएम ने हाथ मिला लिया। कहीं, एक ही पार्टी के दो हिस्से फिर से एक साथ आ गए।
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