राज्य सरकार की एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 और राजस्थान एमएसएमई नीति -2024 के तहत स्वीकृति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन दोनों योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों की जांच और स्वीकृति जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों के जीएम ही कर सकेंगे। इस बदलाव से आवेदन के निस्तारण में तेजी आएगी, जिससे ज्यादा लोगों को लाभ मिल सकेगा। पूर्व में इन योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों की जांच और स्वीकृति के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति कार्य करती थी, लेकिन अब इसको विलोपित कर दिया गया है। उससे जुड़े सभी अधिकार महाप्रबंधकों को दे दिए गए हैं। इसलिए अब एक निश्चित समयांतराल पर होने वाली बैठक का इंतजार किए बिना ही सामान्य प्रक्रिया के तहत आवेदनों पर एक्शन लिया जा सकेगा। बजट पर चर्चा के दौरान ऐसी घोषणा की गई थी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने इसकी अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं। योजनाओं में यह भी महत्वपूर्ण } ओडीओपी नीति-2024, राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 और राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 के लिए एक फरवरी से आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। एसएसओ आईडी या ईमित्र से आवेदन किए जा सकते हैं। } सभी 41 जिलों में एक-एक उत्पाद की पहचान की गई है। इसके तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपए तक की मार्जिन मनी अनुदान दिया जाता है। } एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपए तक अनुदान, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर पर 3 लाख रुपए तक पुनर्भरण। } मार्केटिंग के लिए 2 लाख तक सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 1 लाख प्रतिवर्ष का 2 साल तक पुनर्भरण और कैटलॉगिंग और ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 75 हजार तक एकमुश्त सहायता का प्रावधान। } एसएमई एक्सचेंज से धन जुटाने पर 15 लाख तक की सहायता। ओडीओपी-एमएसएमई नीति
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