बारां जिले में उर्वरक विक्रेताओं पर बड़ी कार्रवाई की गई है। कृषि आयुक्तालय पंत कृषि भवन जयपुर की टीम ने जिले के अधिकारियों के साथ मिलकर उर्वरक विक्रेता फर्मों का सघन निरीक्षण किया। जांच में अनियमितताएं सामने आने पर 11 उर्वरक फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि एक फर्म का लाइसेंस सात दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया।
जयपुर से आई टीम में सहायक निदेशक कृषि (फसल बीमा) जयकुमार यादव, कृषि अधिकारी रमेश चंद्र बाना और उप परियोजना निदेशक (आत्मा) धनराज मीना शामिल थे। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित फर्टिलाइजर्स रेगुलेटरी टास्क फोर्स की बैठक में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत विभिन्न टीमों ने जिलेभर में कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान बारां शहर में मैसर्स सनराइज फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स तथा भुवन इंटरप्राइजेज में रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। अभियान के दूसरे दिन समरानिया कस्बे और नाहरगढ़ क्षेत्र में कई फर्मों के मूल्य सूची बोर्ड, स्टॉक बोर्ड और स्टॉक संधारण में अनियमितताएं मिलीं। टीम ने पॉस मशीन, स्टॉक रजिस्टर और गोदाम स्टॉक का आपसी मिलान भी किया।
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जिन विक्रेताओं को दिसंबर माह में यूरिया आवंटित हुआ था, उन्हें किसानों को अधिकतम पांच बैग प्रति कृषक की दर से कृषि पर्यवेक्षक की मौजूदगी में वितरण करना पाया गया। टीम ने सभी फर्मों के 15 दिन की आपूर्ति और बिक्री संबंधी रिकॉर्ड की जांच की। अनियमितता मिलने पर 11 विक्रेता फर्मों को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
समरानिया स्थित रवि फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स द्वारा निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने पर सख्त कार्रवाई की गई। फर्म द्वारा ट्रिपल सुपर फॉस्फेट के 400 बैग के विक्रय पर 10 दिन की रोक लगाते हुए उसका उर्वरक अनुज्ञापत्र सात दिन के लिए निलंबित कर दिया गया।
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