धान परिवहन का कार्य कर रही सानू ट्रांसपोर्ट के वाहनों से गुरुवार को दो ट्रक गोदाम पहुंचे थे। एक ट्रक में 700 और दूसरे में 900 बोरियां लदी हुई थीं। इससे एक दिन पहले भी इसी खरीदी केंद्र से आई 53 बोरियों की एक लॉट में ईंट-पत्थर और खराब धान पाए जाने पर गोदाम में रखने से इंकार कर दिया गया था।
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सूत्रों के अनुसार खराब धान को लेकर आपत्ति जताने के बावजूद नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बोरियां गोदाम में रखने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि अधिकारियों ने यह कहते हुए गुणवत्ता जांच से पल्ला झाड़ लिया कि गोदाम का कार्य केवल तौल और भंडारण तक सीमित है। इस पूरे घटनाक्रम ने नान की निगरानी व्यवस्था और सर्वेयरों की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
नान के प्रबंधक एम.एस. उपाध्याय ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पंचनामा तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला आपूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में शुक्रवार को जांच टीम भेजी जाएगी, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी।
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