यह घटना नागदा के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर की है। यहां महाशिवरात्रि के मौके पर मेला लगा हुआ है। किसी को अंदाजा नहीं था कि मेले में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। ऊपर झूले में बैठे लोग मधुमक्खियों के हमले से परेशान थे, वहीं नीचे खड़े बच्चों के परिजन और दूसरे लोग घबरा गए। चारों तरफ अफरा तफरी मच गई। झूला जैसे ही नीचे आया, तब तक कई लोग घायल हो चुके थे। घायलों को तुरंत नागदा के अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ को आईसीयू में भर्ती किया गया है।
मधुमक्खियों के हमले से मच गया हाहाकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झूला पूरी रफ्तार में चल रहा था। तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड आया और लोगों को काटना शुरू कर दिया। हवा में झूल रहे लोगों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था। कुछ लोग अपने कपड़ों से चेहरा ढकते दिखे, तो कुछ सीट के नीचे छिपने की कोशिश करते रहे। हर किसी के मन में बस यही था कि किसी तरह झूला रुक जाए।
झूला रुकते ही सामने आया डरावना मंजर
जैसे ही झूला रोका गया, नीचे खड़े लोगों की हालत देखकर रूह कांप उठी। कई लोगों के शरीर पर दर्जनों डंक के निशान थे। ऊंचाई पर फंसे लोग कई मिनट तक मधुमक्खियों के डंक झेलते रहे। सबसे ज्यादा चिंता तब बढ़ी जब एक ही परिवार के तीन बच्चे गंभीर हालत में मिले। एक बच्चे की आंख में भी डंक लगा है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज चल रहा है। घटना के बाद मेले में डर का माहौल है। लोग अब झूले पर बैठने से पहले कई बार सोच रहे हैं।
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यह है पूरा घटनाक्रम
नागदा के चंबल तट पर स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आठ दिन का शिवरात्रि मेला चल रहा है। मंगलवार दोपहर इसी मेले में मधुमक्खियों के हमले से ग्राम बनबनी के तीन बच्चे घायल हो गए। अस्पताल में भर्ती 13 साल के उमेश चौहान पिता करण सिंह, 15 साल के शिवनारायण पिता हुकुम सिंह और 13 साल के नैतिक चौहान पिता हुकुम सिंह ने बताया कि वे झूला झूल रहे थे। तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड आया और लोगों पर हमला कर दिया।
जिम्मेदारों ने क्या कहा
घटना को लेकर जब मेला अध्यक्ष बबीता रघुवंशी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मधुमक्खियों का झुंड कहां से आया, इसका अभी पता नहीं चल पाया है।
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