नए साल 2026 के लिए छपवाया गया नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) का कैलेंडर विवादों में आ गया है। कैलेंडर में अप्रैल के पन्ने पर प्रबंध निदेशक (एमडी) डॉ. लोकेश एम और जुलाई के पन्ने पर कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद की दो-दो तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं। पूरे कैलेंडर में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री या किसी अन्य जनप्रतिनिधि की तस्वीर या नाम शामिल नहीं किया गया है।
सवाल उठने के बाद अधिकारियों ने कहा कि कैलेंडर उनकी जानकारी और मंजूरी के बिना छपवाया गया। एमडी ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विवाद के बीच कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद को पद से हटाकर उनकी जगह नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ कृष्णा करुणेश को कार्यकारी निदेशक नियुक्त कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार यह कैलेंडर शासन और मंत्रालय दोनों जगह भेजा गया था।
केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है एमआरसी
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है। केंद्र में परियोजनाओं की मंजूरी आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और कैबिनेट स्तर से होती है। राज्य में औद्योगिक विकास विभाग और कैबिनेट स्तर से मंजूरी दी जाती है। तय व्यवस्था के अनुसार नोएडा प्राधिकरण का सीईओ ही एनएमआरसी का प्रबंध निदेशक होता है।
चार तस्वीरों से शुरू हुआ विवाद
पद से हटाए गए कार्यकारी निदेशक आईएएस महेंद्र प्रसाद नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर तैनात हैं। उनका जन्मदिन 5 जुलाई को पड़ता है। कैलेंडर में जुलाई के पन्ने पर उनकी दो तस्वीरें छपी हैं। एक में वह सेक्टर-29 स्थित एनएमआरसी कार्यालय के कॉरिडोर में टहलते हुए और दूसरी में बैठक को संबोधित करते हुए। वहीं एमडी डॉ. लोकेश एम का जन्मदिन अप्रैल में आता है। कैलेंडर में उस माह के पन्ने पर उनकी एक तस्वीर सितार बजाते हुए और दूसरी बैठक में संबोधन करते हुए दिखाई गई है।
बदलाव को प्राधिकरण कार्यहित में बताया
कार्यकारी निदेशक पद पर फेरबदल का आदेश प्राधिकरण के कार्मिक विभाग की प्रभारी एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने जारी किया। आदेश में लिखा गया है कि प्राधिकरण कार्यहित में ओएसडी महेंद्र प्रसाद की जगह एसीईओ कृष्णा करुणेश को कार्यकारी निदेशक नामित किया जाता है।
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