हरियाणा के राजकीय स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत कार्यरत कुक-कम-हैल्परों को लेकर मौलिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि कुक-कम-हैल्परों से मिड-डे-मील से जुड़ा कार्य ही लिया जाए। उनसे स्कूल के अन्य किसी भी प्रकार के कार्य कराने पर रोक रहेगी। विभाग को समय-समय पर इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं, जिनके निपटारे के लिए यह निर्देश जारी किए गए हैं।
महानिदेशक मौलिक शिक्षा, हरियाणा की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से अति आवश्यक आदेश भेजे गए हैं। इसके साथ ही कुक-कम-हैल्परों का वर्ष में दो बार निःशुल्क मेडिकल चेकअप कराना अनिवार्य किया गया है। यह निर्णय अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के अनुरूप है, जिसकी जानकारी पहले भी सभी जिलों को दी जा चुकी है। अब इसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी स्कूल में छात्र संख्या कम होने के कारण कुक-कम-हैल्पर को हटाना पड़ता है और उसी गांव के किसी अन्य स्कूल में पद खाली है, तो उसी दौरान उसका समायोजन किया जा सकता है। महानिदेशक मौलिक शिक्षा ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों की पूरी तरह से अनुपालना सुनिश्चित की जाए, ताकि मिड-डे-मील योजना का संचालन सुचारु रूप से हो और कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
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